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बिना दवाई के दूर हो जाएगा सारा स्ट्रेस, बस ऐसे बजाएं ताली

  • Edited by: अवनी बागरोला
  • Updated Jan 29, 2026, 05:05 PM IST

अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान से बढ़ती शारीरिक-मानसिक परेशानियों के बीच फ्लावर क्लैप योग एक आसान समाधान बनकर उभरा है। ताली बजाने से प्रेरित यह अभ्यास एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को सक्रिय कर तनाव कम करता है और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। यहां देखें इस आसन को कैसे करें और इसके फायदे

Flower clap yoga

Flower clap yoga

अनियमित दिनचर्या और खानपान में गड़बड़ी कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं को दावत के समान है। ऐसे में कई योगासन हैं, जिनके अभ्यास से शारीरिक और मानसिक समस्याओं को कोसो दूर भेजा जा सकता है। ऐसा ही एक योगासन है पुष्प ताली या जिसे आप फ्लावर क्लैप भी कह सकते हैं। जिसे आप बैठे बैठे कर सकते हैं और आपको बहुत से फायदे मिलेंगे। ये योगासन ताली बजाने से प्रेरित है, अगर आप ये आसान सा योगासन ट्राई करना चाहते हैं, तो यहां देखें कैसे करें फ्लावर क्लैप योगा और इसके फायदे क्या हैं।

हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद अभ्यास

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, यह अभ्यास बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है। इसे क्लैपिंग थेरेपी का हिस्सा माना जाता है, जिसमें हाथों की ताली से शरीर के कई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स एक्टिव होते हैं।

फ्लावर क्लैप करने की आसान विधि

फ्लावर क्लैप अभ्यास की विधि भी बेहद आसान है और यह कहीं भी किया जा सकता है।

  • एक्सपर्ट के अनुसार, इसके लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं या आराम से बैठ जाएं।
  • दोनों हाथों को छाती के सामने लाएं।
  • अब हाथों को फूल की तरह खोलें – उंगलियां फैलाकर और हथेलियां थोड़ी गोलाकार बनाकर।
  • फिर जोर से ताली बजाएं, जैसे फूल खिल रहे हों।
  • ताली बजाते समय हाथ ऊपर की ओर उठाएं और फिर नीचे लाएं, जैसे बारिश की बूंदें गिर रही हों।

कब और कितनी देर करें अभ्यास

इस दौरान ताली की आवाज तेज और लयबद्ध होनी चाहिए। शुरू में 5-10 मिनट तक रोजाना करें। सुबह खाली पेट या ताजी हवा में अभ्यास करना सबसे अच्छा है। बेहतर परिणाम के लिए हथेलियों पर सरसों या नारियल का तेल लगाकर क्लैपिंग करें। धीरे-धीरे गति बढ़ाएं, लेकिन ज्यादा जोर न लगाएं।

ये हैं रामबाण फायदें

फ्लावर क्लैप के अभ्यास से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। हाथों में 340 से अधिक एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं, नियमित क्लैपिंग से ये पॉइंट्स उत्तेजित होते हैं, जिससे किडनी, फेफड़े, हृदय, पाचन तंत्र और कमर जैसे अंगों का स्वास्थ्य बेहतर होता है। यह रक्त संचार को बढ़ाता है, जिससे दिल की सेहत सुधरती है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है, इससे तनाव, चिंता और मूड स्विंग्स कम होते हैं। हैप्पी हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे मन प्रसन्न रहता है।

बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए लाभकारी

बच्चों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि यह संज्ञानात्मक विकास, एकाग्रता और मोटर स्किल्स को मजबूत करता है। वहीं, बड़े लोगों में यह जोड़ों की जकड़न दूर करता है, इम्युनिटी बढ़ाता है और थकान मिटाता है।खास बात है कि इसके लिए किसी तरह के कोई उपकरण की जरूरत नहीं, इसलिए इसे घर, पार्क या ऑफिस में आसानी से किया जा सकता है।

अवनी बागरोला
अवनी बागरोला author

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक... और देखें

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