19 करोड़ महिलाएं झेल रहीं ये गंभीर बीमारी, क्यों हर साल तेजी से बढ़ रहे हैं मामले, सामने आई बड़ी वजह
- Authored by: Vineet
- Updated Feb 5, 2026, 01:53 PM IST
Endometriosis In Women Symptoms Causes In Hindi: क्या आप जानते हैं एक ऐसी गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली बीमारी है, जिससे भारत में करीब 19 करोड़ महिलाएं प्रभावित हैं। इसकी वजह से महिलाएं पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द, इनफर्टिलिटी और क्रॉनिक पेन जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं। जानिए आखिर कौन सी है यह बीमारी, इसके लक्षण और क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह।
एंडोमेट्रियोसिस की बीमारी महिलाओं को तेजी से बना रही शिकार
Endometriosis In Women Symptoms Causes In Hindi: अक्सर महिलाओं में पीरियड्स के दर्द को नॉर्मल कहकर टाल दिया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं हर दर्द सामान्य नहीं होता। कई बार यही दर्द एक गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है। बता दें कि इन दिनों में महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस बीमारी काफी तेजी से बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में करीब 19 करोड़ महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं और हर साल इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जागरूकता की कमी और देर से डायग्नोसिस की वजह से महिलाएं सालों तक दर्द सहती रहती हैं। यह बीमारी सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी महिलाओं को प्रभावित करती है। सही समय पर जानकारी और पहचान से इस परेशानी को काफी हद तक संभाला जा सकता है।
क्या है एंडोमेट्रियोसिस और क्यों होती है
एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी टिशू गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती है, जैसे ओवरी, फैलोपियन ट्यूब या पेल्विक एरिया में। ये टिशू हर महीने हार्मोन के असर से सूजते हैं और दर्द की वजह बनते हैं। इसी कारण तेज दर्द, सूजन और कई बार गांठें बन जाती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हार्मोनल असंतुलन, जेनेटिक कारण और कमजोर इम्युन सिस्टम इसकी बड़ी वजह माने जाते हैं।
भारत में क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं मामले
भारत में एंडोमेट्रियोसिस के बढ़ते मामलों के पीछे कई वजहें सामने आई हैं। बदलती लाइफस्टाइल, देर से शादी, देर से मां बनना, स्ट्रेस और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसका जोखिम बढ़ाती है। इसके अलावा पीरियड्स से जुड़ी बातों पर खुलकर बात न करना भी एक बड़ी वजह है। कई महिलाएं सालों तक दर्द सहती रहती हैं और डॉक्टर तक पहुंचने में देरी हो जाती है।
ये लक्षण महिलाएं अक्सर करती हैं नजरअंदाज
एंडोमेट्रियोसिस सिर्फ पीरियड्स के दर्द तक सीमित नहीं है। लगातार पेट या कमर में दर्द, पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, सेक्स के समय दर्द, थकान और प्रेग्नेंसी में दिक्कत जैसे लक्षण भी इसके संकेत हो सकते हैं। कई बार दर्द इतना तेज होता है कि रोजमर्रा का काम करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन महिलाएं इसे “हर महीने का दर्द” समझकर टाल देती हैं।
इनफर्टिलिटी से गहरा कनेक्शन
डॉक्टर्स के अनुसार एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित कई महिलाओं को गर्भधारण में दिक्कत होती है। यह बीमारी ओवरी और फैलोपियन ट्यूब को प्रभावित कर सकती है, जिससे फर्टिलिटी पर असर पड़ता है। हालांकि सही इलाज और मेडिकल सपोर्ट से कई महिलाएं मां भी बनती हैं, इसलिए घबराने की नहीं, बल्कि समय पर जांच कराने की जरूरत है।
समय पर पहचान और सही इलाज क्यों है जरूरी
एंडोमेट्रियोसिस का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है, लेकिन समय पर पहचान से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। दवाइयों, हार्मोन थेरेपी और कुछ मामलों में सर्जरी से दर्द और लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सबसे जरूरी है अपने शरीर के संकेतों को समझना और दर्द को नज़रअंदाज़ न करना। जितनी जल्दी बीमारी पकड़ी जाएगी, उतना ही बेहतर जीवन जीना आसान होगा।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।