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Dry Eyes: आंखों में सूखापन का कारण सिर्फ फोन नहीं, ये 5 छिपी हुई वजहें भी हो सकती हैं जिम्मेदार

Dry Eyes Hidden Causes: क्या आपकी आंखों में बार-बार सूखापन, जलन या किरकिरापन महसूस होता है? बता दें कि हर बार इसका कारण सिर्फ मोबाइल या लैपटॉप नहीं हो सकता है। जानिए आंखों में सूखेपन के पीछे 5 अहम वजहें..

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आंखों में सूखेपन के लिए जिम्मेदार 5 बड़े कारण

Dry Eyes Hidden Causes: जब आंखों में बार-बार जलन होने लगे, किरकिरापन महसूस हो या ऐसा लगे जैसे आंख में कुछ फंस गया हो, तो ज्यादातर लोग मोबाइल और लैपटॉप को इसका जिम्मेदार मान लेते हैं। यह बात काफी हद तक सही भी है, क्योंकि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव पड़ता है। लेकिन हर बार आंखों के सूखने की वजह सिर्फ फोन नहीं होती।

कई बार हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें, शरीर में होने वाले बदलाव, खानपान की कमी या कुछ दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी आंखों में सूखेपन का कारण बन सकती हैं। यही वजह है कि कई लोग स्क्रीन टाइम कम करने के बाद भी इस परेशानी से छुटकारा नहीं पा पाते। अगर आपकी आंखों में भी अक्सर जलन, खुजली या सूखापन रहता है, तो इन छिपी हुई वजहों के बारे में जानना जरूरी है।

आंखों की नमी जल्दी खत्म हो जाना

हमारी आंखों में प्राकृतिक रूप से नमी बनी रहती है, जो उन्हें आरामदायक और सुरक्षित रखती है। लेकिन कुछ लोगों की आंखों में यह नमी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाती। ऐसे में आंखें जल्दी सूखने लगती हैं और जलन या चुभन महसूस हो सकती है। कई बार यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ भी देखने को मिलती है।

महिलाओं में हार्मोनल बदलाव का असर

महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। खासकर मेनोपॉज के बाद आंखों की नमी कम होने की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे समय में आंखें पहले की तुलना में ज्यादा सूखी महसूस हो सकती हैं। इसलिए कई महिलाओं को बिना किसी स्पष्ट कारण के भी ड्राई आई की परेशानी होने लगती है।

कुछ बीमारियां भी हो सकती हैं वजह

डायबिटीज जैसी कुछ पुरानी बीमारियां आंखों की सेहत को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा शरीर की कुछ ऐसी बीमारियां भी होती हैं, जिनका असर आंखों की नमी पर पड़ता है। अगर आंखों में लगातार सूखापन बना रहता है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दवाइयों का भी पड़ सकता है असर

कई बार हम जिस दवा का सेवन कर रहे होते हैं, वही आंखों के सूखने की वजह बन जाती है। एलर्जी, तनाव या मुंहासों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं आंखों की नमी कम कर सकती हैं। अगर किसी नई दवा के बाद यह समस्या शुरू हुई हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

एसी, प्रदूषण और कॉन्टैक्ट लेंस भी जिम्मेदार

दिनभर एसी में बैठना, धूल-धुआं वाली जगहों पर रहना या लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनना भी आंखों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसी परिस्थितियों में आंखों की नमी तेजी से कम होती है और सूखापन बढ़ सकता है। इसलिए आंखों को समय-समय पर आराम देना जरूरी है।

खानपान की कमी भी बढ़ा सकती है परेशानी

हम जो खाते हैं, उसका असर आंखों पर भी पड़ता है। अगर भोजन में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो, तो आंखों की सेहत (eye health tips) प्रभावित हो सकती है। हरी सब्जियां, फल, मेवे और पौष्टिक भोजन आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसलिए सिर्फ आई ड्रॉप्स पर निर्भर रहने के बजाय अपने खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है।

आंखों में सूखापन एक छोटी समस्या लग सकती है, लेकिन लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है, तो सिर्फ मोबाइल को दोष देने के बजाय इसके पीछे छिपी दूसरी वजहों पर भी ध्यान दें। सही कारण पता चल जाए तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है और आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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