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शुरुआत में आम जुकाम जैसे दिखते हैं Corona और HMPV, लेकिन ये लक्षण बताते हैं अंतर, तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच जानें सही जानकारी

Difference Between HMPV And Coronavirus : ज्यादातर लोग HMPV और कोरोना वायरस को एक जैसा ही मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों में काफी अंतर है। आज जब दुनिया भर में दोनों वायरस के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं, तो हम आपको इनकी गंभीरता और लक्षणों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

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Difference between corona and hmpv

Difference Between HMPV And Coronavirus : कोरोना वायरस साल 2019 से अपना कहर दिखा रहा है। वहीं इस साल की शुरुआत में में चीन से सामने आए सामने आए ह्यूमन मेटाप्नेमोवायरस (HMPV) ने अब देश में भी अपनी दस्तक दे दी है। देश में तेजी से बढ़ते कोरोना और ह्यूमन मेटाप्नेमोवायरस के मामलों ने लोगों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। कोरोना और ह्यूमन मेटाप्नेमोवायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने अपने यहां अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं केंद्र सरकार ने भी लोगों से पैनिक न होने पर सावधानी बरतने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आम लोगों से पैनिक न करने की अपील की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्थिति फिलहाल कंट्रोल में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालात कितने भी कंट्रोल में हों लेकिन बढ़ते मामलों के कारण लोगों के बीच काफी पैनिक माहौल हो गया है। वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इनके अंतर को स्पष्ट समझने के लिए हमने बात की एशियन अस्पताल के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. बनवारी लाल से....

क्या है HMPV वायरस?

डॉ. बनवारी लाल बताते हैं, “HMPV यानी ह्यूमन मेटाप्नेमोवायरस एक श्वसन संबंधी वायरस है, जो आमतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और इम्यून सिस्टम कमजोर लोगों को प्रभावित करता है। यह वायरस भी खांसी, गले में खराश, बुखार और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण पैदा करता है। लेकिन इसका संक्रमण कोरोना वायरस की तरह जानलेवा नहीं होता, हालांकि गंभीर मामलों में यह निमोनिया और ब्रोंकाइटिस का कारण बन सकता है।”

क्या है कोरोना वायरस?

कोरोना वायरस Covid-19 का एक प्रचलित नाम है। जिसका जनक SARC-CoV-2 नाम का वायरस है। कोरोना वायरस पहली बार साल 2019 में चीन के वुहान शहर में सामने आया है। वैश्विक महामारी बने कोरोना के कारण लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। आज 5 साल बाद भी कोरोना के मामले सामने आते रहते हैं। कोरोना के लक्षणों की बात करें तो तेज बुखार, ठंड लगना, खांसी, सिरदर्द, स्वाद न आना और मांसपेशियों में अकड़न शामिल है। आपकी इम्यूनिटी कमजोर होने पर कोरोना आपके लिए जानलेवा बन जाता है।

कोरोना की तरह घबराने की जरूरत नहीं

डॉ. बनवारी लाल कहते हैं, “HMPV से घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकतर मामलों में यह संक्रमण खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है। लेकिन जिन लोगों को सांस की पुरानी बीमारी है या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा रहे, सांस फूलने लगे या थकान बढ़ जाए तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

क्या HMPV के लिए कोई टेस्ट या वैक्सीन है?

डॉ. ने बताया, HMPV का RT-PCR टेस्ट होता है, जिससे इसकी पुष्टि की जा सकती है। फिलहाल इसके लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे अच्छा उपाय है। इससे बचाव के लिए कुछ उपाय- जैसे मास्क पहनना, भीड़ से बचना और हाथ धोते रहना कर सकते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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