दिल्ली एनसीआर में लगातार खराब होती वायु की गुणवत्ता में अस्थमा के मरीजों को इन दिनों में एक्स्ट्रा सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। क्योंकि वायु की खराब गुणवत्ता आपकी सेहत पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। इसके साथ ही साफ शब्दों में कहें तो वायु प्रदूषण आपके लिए जानलेवा तक साबित हो सकता है। इसके लिए आप घर से बाहर निकलने पर तो सावधानी रखें साथ ही घर के अंदर भी अपनी सेहत का उतना ही ख्याल रखना बहुत जरूरी है। आज हम आपको कुछ ऐसे हेल्थ टिप्स देने जा रहे है, तो आपको वायु प्रदूषण के इस गंभीर खतरे से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
क्या है खतरनाक वायु प्रदूषण का स्तर?
वायु की गुणवत्ता का माप AQI के माध्यम से किया जाता है, जिसे Air Quality Index के नाम से जाना जाता है। यह एक पैमाना है, जो आपको वायु की गुणवत्ता के बारे में बताता है। हम आपको बता दें कि 100 AQI तक की हवा को नॉर्मल कहा जाता है। वहीं इससे ज्यादा AQI वाली हवा आपके लिए अच्छी नहीं मानी जाती है। लेकिन आजकल दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 400 AQI वाली हवा चल रही है। जो आपके लिए बिल्कुल जहर की तरह है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को अपनी सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
अस्थमा के मरीज वायु प्रदूषण से कैसे बचें?
एयर क्वालिटी इंडेक्स चेक करें
आपको रोजाना एयर क्वालिटी इंडेक्स को चेक करते रहना चाहिए। क्योंकि जरा सी लापरवाही आपके लिए जानलेवा हो सकती है। क्योंकि इससे आपको पता चलता रहेगा कि आपके लिए बाहर निकलना कितना सुरक्षित है। जिससे आप पहले ही खुद को तैयार करके बाहर निकल सकें।
बाहर निकलने से बचें
यदि आपके आसपास एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार है, तो आप घर के बाहर निकलने से बचना चाहिए। इसके बाद भी यदि बाहर जाना जरूरी है तो आपको फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। जरूरी होने पर भी आप घर के बाहर तब निकले जब रास्तों पर ट्रैफिक कम हो।
खुले में एक्सरसाइज न करें
अस्थमा के मरीजों को हल्की एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। लेकिन यदि हवा में प्रदूषण बढ़ गया है तो आपको खुले में एक्सरसाइज करने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि एक्सरसाइज में आपको ज्यादा हवा का इंटेक करना होता है। जो आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। आप इसके लिए बंद जगह में ही एक्सरसाइज करें।
