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दिमाग सुस्त है या याददाश्त कमजोर, डार्क चॉकलेट और बेरीज में छिपा है इलाज, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

Dark Chocolate And Berries May Help Boost Memory: अगर दिमाग सुस्त रहता है या चीजें याद नहीं रहतीं, तो आपके लिए खुशखबरी है। एक नई स्टडी में पता चला है कि डार्क चॉकलेट और बेरीज जैसे फूड्स याददाश्त को तेज करने और तनाव कम करने में मदद करते हैं। इन दोनों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट दिमाग के फंक्शन को बेहतर बनाते हैं और मूड भी सुधारते हैं। आइए जानते हैं क्या कहती है नई रिसर्च।

डार्क चॉकलेट और बेरीज से पाएं तेज दिमाग

डार्क चॉकलेट और बेरीज से पाएं तेज दिमाग

Dark Chocolate And Berries May Help Boost Memory: कई बार हम भूल जाते हैं कि चाबी कहां रखी, फोन कहां छोड़ा या किसी का नाम याद नहीं रहता। अगर आप भी ऐसी भूलने की समस्या या दिमागी थकान से परेशान हैं, तो आपकी थाली में मौजूद मीठी चीजें इस परेशानी का इलाज बन सकती हैं। हाल ही में आई एक स्टडी में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट और बेरीज का सेवन दिमाग की सेहत को न सिर्फ बेहतर बनाता है, बल्कि मूड को भी खुश रखता है। यानी अब आपकी पसंदीदा डार्क चॉकलेट सिर्फ टेस्ट के लिए नहीं, ब्रेन बूस्टर भी है।

स्टडी में क्या पाया गया?

नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों ने डार्क चॉकलेट और बेरीज जैसे फूड्स नियमित रूप से खाए, उनकी याददाश्त और फोकस दोनों बेहतर रहे। यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग (University of Reading) के वैज्ञानिकों ने किया, जिसमें बताया गया कि इन फूड्स में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स (Flavonoids) दिमाग के ब्लड फ्लो को बेहतर बनाते हैं और न्यूरॉन्स को एक्टिव रखते हैं। इससे ब्रेन जल्दी थकता नहीं और कॉग्निटिव फंक्शन मजबूत होता है।

क्यों हैं डार्क चॉकलेट और बेरीज इतने असरदार?

डार्क चॉकलेट में पाया जाने वाला कोको दिमाग के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सिडेंट दिमाग के सेल्स को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। वहीं ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और ब्लैकबेरी जैसी बेरीज में पाए जाने वाले नैचुरल यौगिक ब्रेन में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं। यानी ये दोनों फूड्स मिलकर न सिर्फ तनाव घटाते हैं बल्कि दिमाग को जवान बनाए रखते हैं।

याददाश्त और मूड दोनों पर असर

इस स्टडी में शामिल एक्सपर्ट्स ने बताया कि जो लोग रोजाना थोड़ी मात्रा में डार्क चॉकलेट या बेरीज खाते हैं, उनका मूड सामान्य से ज्यादा स्थिर रहता है। फ्लेवोनॉयड्स मस्तिष्क में डोपामिन और सेरोटोनिन जैसे ‘फील गुड’ हार्मोन को बढ़ाते हैं। यही वजह है कि चॉकलेट खाने के बाद हम तुरंत बेहतर महसूस करते हैं।

कितनी मात्रा में खाएं ताकि फायदा हो?

रिसर्चर्स का कहना है कि इसका मतलब ये नहीं कि आप रोज चॉकलेट बार खत्म कर दें। डार्क चॉकलेट की एक छोटी स्क्वेयर (लगभग 20 ग्राम) या रोज कुछ ताजा बेरीज खाना पर्याप्त है। ज्यादा मात्रा में खाने से शुगर या कैलोरी बढ़ सकती है, जो उल्टा असर डाल सकती है। इसलिए संयम के साथ रोजाना थोड़ा सेवन करें।

किन लोगों के लिए है ये खास फायदेमंद

यह स्टडी खासतौर पर बुजुर्गों और ऑफिस वर्कर्स के लिए फायदेमंद मानी गई है। जो लोग लगातार स्क्रीन के सामने काम करते हैं या मानसिक थकान महसूस करते हैं, उनके लिए यह एक आसान और स्वादिष्ट उपाय हो सकता है। इसके अलावा, पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी डार्क चॉकलेट और बेरीज याददाश्त को शार्प करने का बढ़िया उपाय हैं।

अगर दिमाग सुस्त है, तनाव बना रहता है या चीजें भूलने की आदत बढ़ गई है, तो दवा से पहले अपनी डाइट में थोड़ा बदलाव करें। दिन की शुरुआत या बीच-बीच में डार्क चॉकलेट का एक छोटा टुकड़ा या एक मुट्ठी बेरीज आपकी सोच और याददाश्त दोनों को नई ऊर्जा दे सकते हैं। नई स्टडी से यह साफ है कि स्वाद और सेहत दोनों का मेल अब एक साथ मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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Vineet
Vineet Author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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