Chikungunya Outbreak: महाराष्ट्र के नागपुर में चिकनगुनिया का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ रहा है। आपको बता दें कि यह न सिर्फ आम लोगों को बल्कि बल्कि पुलिस कर्मियों को भी बीमार बना रहा है। शहर में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि चिकनगुनिया की चपेट में 50 से भी अधिक पुलिसकर्मी आ चुके हैं और लगातार ये मामले बढ़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अस्पताल में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। ऐसे में शहर में चिंता की स्थिति बनी हुई है। लगातार मच्छर जनित बीमारियों को बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों द्वारा भी आपातकाल की घोषणा की गई है। साथ ही, बीमारी के प्रकोप को कम करने के लिए तैयारियों में जुट गए हैं।
पुलिस अस्पताल में बढ़ रहे मरीज
नागपुर के पुलिस अस्पताल में लगातार पुलिसकर्मियों को चिकनगुनिया होने की खबर आ रही हैं। आपको बता दें पिछले महीने से अब तक 52 पुलिस कर्मियों को चिकनगुनिया होने की खबर है। सिर्फ इतना ही नहीं, बताया जा रहा है कि अस्पताल में ओपीडी में जो मरीज आ रहे हैं, उनमें 50 प्रतिशत तक मरीज इस वायरस से पीड़ित हैं। यह संख्या सिर्फ अस्पताल में आने वाली मरीजों की बताई जा रही है। इसके अलावा, बहुत से पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो दूरदराज के इलाकों में रहते हैं और पुलिस अस्पताल में इलाज के लिए नहीं आते हैं, जिनका रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो पाता है।
अस्पताल में चल रहा इलाज
अच्छी खबर यह है कि 52 में 25 पुलिसकर्मी इलाज फिलहाल अस्पताल में चल रहा है। वहीं, 27 मरीज उपचार मिलने के बाद ठीक हो चुके हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। लेकिन अभी भी लगातार अस्पताल में मरीज भर्ती हो रहे हैं।
रोज आ रहे 100 मरीज
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुलिस अस्पताल की ओपीडी में पहले औसत 40 मरीज रोज आते थे, लेकिन अब यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। आपको बता दें कि अब रोजाना 100 मरीज वायरस की चपेट में आ रहे हैं और अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। इनमें 50 फीसदी तक मरीज चिकनगुनिया वायरस की चपेट में आ रहे हैं।
ज्यादातर लोगों में दिख रखे ये लक्षण
अस्पताल में भर्ती होने वाले ज्यादातर मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द, गैस्ट्रो, मलेरिया जैसे सामान्य लक्षण नोटिस होते हैं। अच्छी बात यह है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद जल्द उपचार मिलने पर लोग जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
