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पैरों में ऐंठन और झनझनाहट से रात भर पटकते रहते हैं पैर, जानें क्यों होती है ये समस्या और कैसे होगा बचाव

Leg Cramps Causes And Prevention : रात में सोते समय पैरों में ऐंठन की समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक पाई जाती है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह परेशानी का कारण बन जाती है। आइए जानते हैं क्यों होती है पैरों में ऐंठन और कैसे करें बचाव?

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leg cramps

Leg Cramps Causes And Prevention : क्या आपने कभी रात को नींद के बीच अचानक महसूस किया हो कि पांव की मांसपेशियां जोर से खिंच गई हैं या झुनझुनी रही हैं, तो आप ऐसा महसूस करने वाले अकेले नहीं हैं। जी हां इस समस्या से बहुत से लोग परेशान हैं। खासकर पिंडली, जांघ या पैर की उंगलियों में ये समस्या ज्यादातर देखने को मिलती है। यह परेशानी न सिर्फ दर्द देती है, बल्कि हमारी नींद भी खराब कर देती है। आइए समझते हैं कि क्यों होती है पैरों में ऐंठन और इसे कैसे रोका जा सकता है?

पैरों में ऐंठन और झनझनाहट के आम कारण

जब पैर की किसी मांसपेशी में अचानक सिकुड़न या खिंचाव आता है तो इसे ऐंठन कहा जाता है। इस समस्या के पीछे कई वजह हो सकती है, जिसमें से कुछ हम आपको बताने जा रहे हैं-

पानी और नमक की कमी (डिहाइड्रेशन)

शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे- सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम की कमी होने पर हमारी मांसपेशियां अपना काम ठीक से काम नहीं कर पाती हैं, जिससे क्रैम्प्स (ऐंठन) आने लगते हैं।

देर तक बैठना या खड़े रहना

एक ही पोजीशन में बैठे या खड़े रहने से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और रक्त संचार बाधित होता है। इससे आपको ऐंठन की समस्या महसूस हो सकती है।

व्यायाम की कमी या अधिकता

यदि आप बहुत ज्यादा या बहुत कम फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, तो ये दोनों ही कंडीशन मांसपेशियों में ऐंठन का कारण बन सकती हैं।

गर्भावस्था और उम्र का असर

गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। क्योंकि मांसपेशियां कमजोर होने पर हमारा रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है।

रक्त संचार में गड़बड़ी

शरीर में खून का फ्लो खराब हो जाने पर आपको ऐंठन की समस्या हो सकती है। जब हमारे पैरों तक खून का प्रवाह सही नहीं होता, तो झनझनाहट और ऐंठन दोनों हो सकते हैं।

तुरंत राहत पाने के लिए क्या करें?

  • ऐंठन से प्रभावित पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और मसल्स में खिंचाव दें।
  • प्रभावित स्थान की हल्के हाथों से मालिश करें ताकि मांसपेशी को राहत मिल सके।
  • गर्म पानी से सिकाई करें या गुनगुने पानी में पैर डुबोकर रखें, इससे आराम मिलेगा।
  • आवश्यक होने पर पेरासिटामोल या मसल्स रिलैक्सेंट दवा डॉक्टर की सलाह पर ली जा सकती हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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