हेल्थ

क्या घर की हवा ही बन गई है दुश्मन? जानिए कैसे बढ़ा रही है साइनस की सूजन और ब्लॉकेज, डॉक्टर से समझिए असर

How Does Pollution Affect Sinus: क्या आपको हमेशा नाक बंद, सिर भारी या चेहरे में दबाव महसूस होता है? हो सकता है इसका कारण बाहर का नहीं, घर का प्रदूषण हो। डॉक्टर की मानें तो घर की हवा में मौजूद धूल, धुआं और केमिकल साइनस को बिगाड़ सकते हैं। जानिए कैसे इनडोर पॉल्यूशन से साइनस की सूजन और ब्लॉकेज बढ़ता है और इसे कैसे करें कंट्रोल।

घर का प्रदूषण साइनस को कैसे प्रभावित करता है

घर का प्रदूषण साइनस को कैसे प्रभावित करता है

How Does Pollution Affect Sinus: आपको लगता है कि साइनस सिर्फ मौसम या ठंडी हवा से बढ़ता है? तो जरा रुकिए। असल में, आपके घर की हवा ही आपके साइनस की सबसे बड़ी दुश्मन बन सकती है। हम दिन का करीब 90% वक्त घर या ऑफिस जैसे इनडोर स्पेस में बिताते हैं, जहां की हवा उतनी साफ नहीं जितनी हम सोचते हैं। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के कंसल्टेंट ENT और हेड-नेक सर्जन डॉक्टर मनुस्रुत (Dr. Manusrut) के मुताबिक, घर की हवा में मौजूद धूल, पालतू जानवरों के रोएं, फफूंद और केमिकल धीरे-धीरे नाक और साइनस को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे साइनस की सूजन, ब्लॉकेज और सिरदर्द जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। तो आइए समझते हैं कि कैसे इनडोर पॉल्यूशन हमारे साइनस को प्रभावित करता है और इसे सुधारने के उपाय क्या हैं।

बाहर का धुआं जितना ही खतरनाक इनडोर पॉल्यूशन

हम अक्सर सोचते हैं कि प्रदूषण सिर्फ बाहर की सड़कों और ट्रैफिक में होता है, लेकिन सच्चाई ये है कि घर के अंदर की हवा भी उतनी ही दूषित हो सकती है। डॉक्टर मनुस्रुत बताते हैं कि इंडोर एयर में डस्ट, पेट डैंडर (जानवरों के रोएं), फफूंद के स्पोर्स और सिगरेट का धुआं मिलकर ऐसे प्रदूषक बनाते हैं जो साइनस को सूजन और इरिटेशन तक पहुंचा सकते हैं।

नाक की अंदरूनी परत को करता है नुकसान

जब हम रोज इस दूषित हवा में सांस लेते हैं, तो हमारी नाक की अंदरूनी झिल्ली (nasal lining) लगातार इरिटेट होती रहती है। इससे धीरे-धीरे सूजन बढ़ने लगती है और साइनस की नैचुरल सफाई प्रक्रिया (natural cleaning mechanism) बिगड़ जाती है। इसका नतीजा होता है नाक बंद रहना, चेहरे में भारीपन, और लगातार जाम रहने का अहसास।

साइनस ड्रेनेज सिस्टम हो जाता है ब्लॉक

साइनस के भीतर बने छोटे-छोटे रास्ते (drainage passages) म्यूकस को बाहर निकालने का काम करते हैं। लेकिन जब इन पर सूजन आ जाती है, तो ये रास्ते बंद हो जाते हैं और म्यूकस अंदर ही जमा होने लगता है। यही वजह है कि कुछ लोगों को बार-बार सर्दी या साइनस इंफेक्शन हो जाता है। लंबे समय तक ऐसा बने रहने से क्रॉनिक साइनुसाइटिस (Chronic Sinusitis) की समस्या भी हो सकती है।

छोटे-छोटे कदम जो बना सकते हैं हवा को हेल्दी

डॉक्टर मनुस्रुत सलाह देते हैं कि दवा के साथ-साथ घर के माहौल को भी ठीक करना जरूरी है। सबसे पहले घर में वेंटिलेशन यानी हवा का सही आना-जाना सुनिश्चित करें। एसी को समय-समय पर साफ करवाएं, गीली दीवारों या कोनों को सूखा रखें ताकि फफूंद न पनपे। घर में अगर कोई स्मोक करता है तो उसे रोकें या स्मोक-फ्री ज़ोन बनाएं। ज़रूरत हो तो HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरिफायर इस्तेमाल करें।

इन आसान आदतों से रखें साइनस को सुरक्षित

डॉक्टर के मुताबिक, कुछ छोटी सावधानियां बड़ी राहत दे सकती हैं जैसे कि,

  • घर में ज्यादा फूलों वाले पौधे न रखें, क्योंकि इनसे एलर्जी ट्रिगर हो सकती है।
  • पेट्स को बेडरूम में न आने दें, ताकि बाल या रोएं नाक तक न पहुंचें।
  • खिड़कियों या बालकनी में मच्छरदानी या मेश लगवाएं ताकि कबूतर और धूल अंदर न आए।
  • साफ-सफाई के दौरान बहुत स्ट्रॉन्ग केमिकल या फ्रेग्रेंस वाले क्लीनर से बचें।

आपके साइनस को सिर्फ दवाओं की नहीं, बल्कि साफ हवा की भी जरूरत है। अगर आप चाहते हैं कि बार-बार की नाक बंद और सिरदर्द से राहत मिले, तो अपने घर की हवा को बेहतर बनाइए। थोड़ा ध्यान और थोड़ी सावधानी से आप अपने साइनस को स्वस्थ रख सकते हैं, क्योंकि आखिरकार, सांस की राहत ही असली राहत है।

लेटेस्ट न्यूज

Vineet
Vineet Author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

End of Article