हेल्थ

आंखों के सूख जाने पर तुरंत करें ये काम, वरना बड़े से बड़े डॉक्टर भी नहीं कर पाएंगे इलाज

सर्दियों के साथ आने वाली दिक्कतों में एक दिक्क्त सूखी आंखों की भी है। पॉल्यूशन से या आंखों पर ज्यादा दबाव पड़ने से ये समस्या बढ़ भी सकती है। आपने भी कभी न कभी आंखों में जलन, खुजली और धुंधलेपन का सामना किया होगा, तो क्या ये सूखी आंखों के लक्षण हैं। आइए जानते हैं क्या है आंखों का सूखापन और इसका इलाज।

Image

dry eyes

आंखों का सूखापन तब होता है जब आपकी आंखें नम रहने के लिए पर्याप्त आंसू नहीं बनाती हैं, या जब आपके आंसू सही तरीके से नमी नहीं दे पाते हैं। इससे आपकी आंखें असहज महसूस कर सकती हैं, और कुछ मामलों में यह नजर से जुड़ी समस्याएं भी पैदा कर सकती है। हर साल लाखों लोग इस समस्या से परेशान होते हैं। इसका कारण वह माहौल होता है जिसमें आप रहते हैं। हमेशा एयर-कंडीशन में रहना, प्रदूषण, मोबाइल-कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल जैसे कारणों की वजह से आंखों में सूखापन आ सकता है। सर्दियों में इसकी समस्या बढ़ जाती है, आइए जानते हैं क्यों।

सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है आंखों का सूखापन

सर्दियों में शायद आपने भी अपने आंखों की दिक्कतों में बढ़ोत्तरी देखी होगी। इसका कारण होता है, प्रदूषण। ठंडे तापमान के कारण हवा में धुंध और प्रदूषण के लिए जिम्मेदार छोटे कण बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही हवा की नमी भी कम हो जाती है। अगर आंख में पहले से सूखेपन की समस्या है तो ठंडी हवा के संपर्क में आने से जलन बढ़ सकती है। इसके अलावा सर्दी या एलर्जी की दवाई को तौर पर एंटी-हिस्टामाइन लेने से भी आंखों में सूखापन बढ़ सकता है।

सूखी आंखों के लक्षण

आंख में सूखापन के सामान्य लक्षणों में आंखों का लाल होना, आंखों में पानी आना, चुभन महसूस होना, किरकिरापन, धुंधलापन, या आंखों में भारीपन और थकान महसूस हो सकता है। यदि आंखों की सर्जरी हुई है या ग्लूकोमा के लिए कॉन्टैक्ट लेंस या ड्रॉप्स का उपयोग करने पर भी ये लक्षण दिख सकते हैं।

आंखें सूखने पर क्या करें

सूखी आंखों के लिए घर पर ही कुछ काम करने चाहिए, जैसे कि आंखों पर साफ पानी से छींटे मारना, एयर-प्यूरीफायर और रूम ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना, धूल और एलर्जी से बचने के लिए चश्मे पहनना। आंखों मे सूखापन महसूस होने पर भरपूर पानी पीना चाहिए और स्क्रीन के सामने कम से कम समय बिताने की कोशिश करनी चाहिए। अगर स्थिति बनी हुई है तो आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर आई ड्रॉप का इस्तेमाल करना चाहिए।

आंखों में सूखेपन के दौरान क्या न करें

आंखों में सीखेपन की स्थिति में किसी भी तरह के गैर-फार्मास्युटिकल उत्पाद, जैसे गुलाब जल या बाम आदि का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इससे आंखों में इंफेक्शन हो सकता है जो नजर के लिए खतरनाक हो सकता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article