हेल्थ

2050 तक इस खतरनाक बीमारी से पीड़ित होंगे भारत में 15.6 करोड़ लोग, इंटरनेशनल फेडरेशन की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

हाल ही में आई इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की रिपोर्ट में सामने आया है कि आने वाले वर्षों में भारत में एक खतरनाक बीमारी तेजी से पैर पसार सकती है। रिपोर्ट में बीमारी को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। बताया गया है कि साल 2050 तक भारत में इस बीमारी से 15 करोड़ से भी ज्यादा लोग पीड़ित हो सकते हैं। यहां जानें कौन सी है ये खतरनाक बीमारी...

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Diabetes Risk In India

क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज, जिसे आमतौर पर "शुगर" कहा जाता है, भारत में कितनी तेजी से फैल रही है? इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2050 तक भारत में 15.6 करोड़ लोग इस बीमारी से जूझ सकते हैं। अभी ये संख्या लगभग 9 करोड़ है। सोचिए, अगले कुछ सालों में मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। यह कोई छोटी बात नहीं है।

डायबिटीज केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि शरीर के हर अंग को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाने वाली खामोश मार है। इसकी सबसे बड़ी वजह है हमारी बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और तनावभरी दिनचर्या। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आखिर क्यों डायबिटीज का खतरा बढ़ रहा है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

बदलती लाइफस्टाइल

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम खुद का ख्याल रखना भूलते जा रहे हैं। सुबह की वॉक छूट जाती है, नाश्ते में कुछ भी उल्टा-पुल्टा खा लेते हैं और दिनभर कुर्सी पर बैठे-बैठे काम करते रहते हैं। ये सारी चीजें डायबिटीज को न्योता देने के बराबर हैं। पहले के मुकाबले अब शारीरिक मेहनत कम हो गई है और आराम ज्यादा हो गया है, जिससे ब्लड शुगर का लेवल बिगड़ने लगता है।

फास्ट फूड और मीठे का बढ़ता क्रेज

समोसे, बर्गर, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक ये सब सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन यही चीजें हमारे शरीर को धीरे-धीरे बीमार बना रही हैं। इन चीजों में हाई कैलोरी होती है और न्यूट्रिशन कम। लगातार इनका सेवन वजन बढ़ाता है और मोटापा डायबिटीज की पहली सीढ़ी है। खासतौर पर बच्चों और युवाओं में ये आदतें तेजी से बढ़ रही हैं।

जागरूकता की भारी कमी

सबसे दुखद बात ये है कि बहुत से लोगों को पता ही नहीं होता कि उन्हें डायबिटीज है। IDF की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 40% मरीजों को इस बीमारी का एहसास ही नहीं होता। जब तक समझ में आता है, तब तक शरीर को नुकसान पहुंच चुका होता है। समय पर जांच और थोड़ी सी सावधानी बहुत बड़ा फर्क ला सकती है।

नींद और तनाव

रोजमर्रा की टेंशन, देर रात तक फोन या लैपटॉप पर काम, और पूरी नींद न लेना, ये सब मिलकर डायबिटीज को बढ़ावा देते हैं। जब हम ठीक से सोते नहीं या लगातार तनाव में रहते हैं, तो हमारे शरीर के हार्मोन्स गड़बड़ा जाते हैं। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर चला जाता है।

उम्र और पारिवारिक इतिहास भी अहम कारण

उम्र बढ़ने के साथ डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है, और अगर आपके परिवार में किसी को पहले से डायबिटीज है, तो ये रिस्क और ज्यादा हो जाता है। इसलिए, जिन लोगों की उम्र 40 के पार है या जिनके घर में डायबिटीज का इतिहास है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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