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Burans: लाल रंग का ये फूल देता है एनीमिया समेत कई समस्याओं से राहत, जानें इसके चमत्कारी फायदे

  • Edited by: कुलदीप राघव
  • Updated Nov 11, 2022, 07:38 AM IST

Burans Phool ke Fayde: बुरांश की पंखुडियों में क्विनिक एसिड पाया जाता है, जो सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। इसके प्रयोग से बीमारी को बिना किसी साइड इफेक्ट के जड़ से खत्म किया जा सकता है।

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Burans: लाल रंग का ये फूल देता है एनीमिया समेत कई समस्याओं से राहत, जानें इसके चमत्कारी फायदे

burans flower ke fayde: समस्या कोई भी हो प्राकृतिक रूप से सेहत सुधारने के अपने फायदे होते हैं। और एक अच्छी निरोगी काया के लिए, हेल्दी हीलिंग का रास्ता अपनाना जरूरी है। बता दें कि आज नहीं बल्कि सालों पहले ही इस बात को साबित कर दिया जा चुका है कि, एलोपैथी की तुलना में आयुर्वेदिक औषधियों का इस्तेमाल ज्यादा बेहतर है। आयुर्वेद में बहुत से ऐसे पेड़ पौधे, फूल, पत्तियां हैं जो बिगड़ी सेहत पर जादू कर देते हैं। साथ ही जिनके प्रयोग से बीमारी को बिना किसी साइड इफेक्ट के जड़ से खत्म किया जा सकता है।

मेडिकल की दुनिया के लिए ऐसा ही एक वरदान है, हिमाचल, उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी इलाकों में पाया जाने वाला बुरांश। अब आप सोच रहे होंगे कि, ये क्या होता है? तो बता दें की बुरांश एक तरह का लाल रंग का बेहद उपयोगी जंगली फूल है। जिसका इस्तेमाल आज कई तरह से दवाओं के उत्पादन में किया जाता है। दरअसल इसमें क्वीनिक नाम का एक एसिड पाया जाता है, को हेल्थ के लिए काफी असरदार होता है। ये रहें बुरांश के फूल से होने वाले लाभ:

सिर दर्द : अगर आपको भी अत्यधिक सिर दर्द की समस्या है, तो ऐसे में बुरांश का इस्तेमाल कमाल कर सकता है। कोशिश करें की आप सिर दुखने पर कोई पेन किलर खाने के बजाय, इस फूल का पेस्ट बनाकर लगा लें। आपको ऐसा करने के लिए, पत्ते समेत बुरांश के फूल को लेना है और पीस लेना है। पिसे हुए पेस्ट को पांच से दस मिनट तक सिर पर लगाकर रखें और फिर देखें जादू।

शारीरिक कमजोरी : हर वक्त अगर आपको फिजिकल वीकनेस लगती है। बेवजह बॉडी हमेशा थकी हुई लगती हैं। तो बुरांश का फूल अच्छा विकल्प माना जाता है। क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, कॉपर, जिंक और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। हालांकि बुरांश का सेवन करते हुए ध्यान रखें की इसकी पत्तियों में जहर हो सकता हैं। तथा ज्यादा खा लेने पर शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है।

खांसी : हल्की सर्दी शुरू हो चुकी है और ऐसे में खांसी,जुकाम, गले में खराश या गला बैठने की समस्या बढ़ने की अत्यधिक संभावना होती है। तो ऐसे में तकलीफ होने पर बुरांश के पत्तों से बने चूर्ण का इस्तेमाल असरदार हो सकता है।

जोड़ों का दर्द : मांसपेशियों में, हड्डियों में और जोड़ों में दर्द, सूजन अथवा जलन की अगर दिक्कत है तो। बुरांश को पीस कर बनाये गए पेस्ट से राहत मिल सकती है। आपको बस फूल और पत्तियों को तोड़कर अच्छे से पीस लेना है और दर्द वाली जगह पर अच्छे से दस से पंद्रह मिनट के लिए छोड़ देना है।

सांस की समस्या : धूल-मिट्टी, प्रदूषण की वजह से श्वास संबंधित दिक्कतें बढ़ रही है। अगर आपको भी आराम से सांस लेने में तकलीफ होती है, सांस फूल जाती है। तो बुरांश का फूल स्थिति सुधर सकता है। ऐसा करने के लिए आप बुरांश के सूखे पत्तो को सूंघ लीजिए साथ ही इसके चूर्ण की महक से भी फायदा हो सकता है।

पेट में जलन : कई बार खाने में कुछ गलत खा लेने से, तीखा खाने से या फिर अपचन/एसिडिटी के कारण पेट में गर्मी और जलन होने लगती है। इस दिक्कत का समाधान भी बुरांश में मिल जाता है। ऐसा करने के लिए आपको बुरांश के फूल का जूस बनाकर पीना है। इससे पेट को जलन से ठंडक और राहत मिलेगी।

एनीमिया : शरीर में खून की कमी होने की वजह से बहुत सी अन्य समस्याएं और खड़ी हो जाती हैं। इसलिए स्थिति बिगड़ने से पहले सुधारना महत्वपूर्ण है। बुरांश के फूल में भरपूर मात्रा में आयरन और अन्य पोषक तत्व होते हैं। जो बॉडी में खून मात्रा यानी की हीमोग्लोबिन के लेवल को बढ़ा सकते हैं। इसलिए बुरांश का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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