Blood Cancer in Child: कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में एक अलग सा ही डर बैठ जाता है। यह काफी भयावह बीमारी हैं, जिसकी वजह से हर साल लाखों लोगों की मौत होती हैं। शरीर के विभिन्न भागों में कैंसर होता है। इनमें ब्लड कैंसर भी शामिल है। ब्लड कैंसर किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों को भी ब्लड कैंसर हो सकता है। जी हां, ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी बच्चों को भी हो सकती है। ऐसे में इसके लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। आज हम आपको इस लेख में बच्चों में ब्लड कैंसर के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में बताएंगे। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
बच्चों में ब्लड कैंसर के लक्षण
ब्लड कैंसर काफी गंभीर बीमारी होती है। ऐसे में इस बीमारी का समय पर पता लगना बहुत ही जरूरी है। अगर आपके बच्चों में निम्न लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। आइए जानते हैं बच्चों में ब्लड कैंसर के लक्षण क्या हैं?
- बच्चों के हर वक्त पेट में दर्द रहना
- बच्चों के जोड़ों में दर्द महसूस करना
- बच्चों के वजन में कमी आना
- बच्चों को तेज बुखार होना
- भूख कम लगना
- बच्चों को सांस लेने में तकलीफ महसूस करना
- शरीर में सूजन आ जाना
- मानसिक रूप से बच्चा परेशान रहता है
- बच्चों का स्वभाव काफी ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाना
- हमेशा उल्टी और मतली जैसा महसूस करना।
- स्किन पर सूजन और रैशेज की परेशानी
- इम्यूनिटी का काफी ज्यादा कमजोर होना
- शरीर में थकान और कमजोरी महसूस होना।
- नाक और मसूड़ों से काफी ज्यादा खून आना
बच्चों में ब्लड कैंसर के कारण
बच्चों में ब्लड कैंसर का कारण ब्लड में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो सकती है। इसके कारण व्यक्तियों के शरीर में खून की कमी होने लगती है। वहीं, ब्लड कैंसर अनुवांशिक भी हो सकता है।
बच्चों में ब्लड कैंसर से कैसे करें बचाव?
बच्चों के शरीर में अगर ब्लड कैंसर के लक्षण नजर आ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें और उनका ब्लड टेस्ट करवाएं। इसके अलावा ब्लड कैंसर को रोकने के लिए आप निम्न तरीके अपना सकते हैं, जैसे-
- बच्चों को हेल्दी आहार जैसे ताजे फल, सब्जियां और साबुन अनाज का सेवन कराएं।
- ब्लड कैंसर के लक्षण दिखने पर हर सप्ताह उनकी जांच करवाएं।
- बच्चों को फिजिकली एक्टिव रखें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
