Morning Walk Benefits In Winter: ठंड के मौसम में शरीर जल्दी जकड़ जाता है और शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। ऐसे में पैदल चलना एक आसान और प्रभावी आदत है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है। आयुर्वेद में भी सर्दियों में वॉक को जरूरी बताया गया है क्योंकि यह वात-कफ को संतुलित रखती है। सही समय पर की गई वॉक दिल, पाचन, नींद और ऊर्जा स्तर को बेहतर बनाती है।
पैदल चलना क्यों जरूरी है
आज की दिनचर्या मशीनों और गैजेट्स पर निर्भर हो गई है, जिससे लोग कम चलते-फिरते हैं। यही कारण है कि मोटापा, गैस, कमजोर पाचन और सुस्ती जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। पैदल चलना शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है और किसी सप्लीमेंट से भी तेज असर दिखाता है। सर्दियों में यह खास तौर पर फायदेमंद है क्योंकि यह बदलते मौसम के कारण बढ़े वात और कफ को संतुलित करता है।
सुबह की वॉक शरीर के लिए ऊर्जा का स्रोत
सुबह की सैर पूरे दिन की ऊर्जा तय करती है। इस समय तेज चाल से चलने पर फेफड़ों को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है, मेटाबॉलिज्म तेज होता है और तनाव कम होता है। कम से कम 30 मिनट की brisk walk शरीर को सक्रिय रखती है और मन को शांत करती है। गहरी सांस लेने से शरीर में रक्त संचार भी बेहतर होता है।
दोपहर में खाने के बाद वॉक क्यों जरूरी
दोपहर में खाना खाने के बाद तुरंत लेट जाना पाचन को खराब करता है और मोटापे को बढ़ाता है। लगभग 20 मिनट बाद की गई हल्की वॉक गैस बनने से रोकती है, पाचन सुधारती है, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखती है और शरीर को हल्का महसूस कराने में मदद करती है। यह दोपहर की नींद को भी बेहतर बनाती है।
रात को हल्की वॉक से पाचन होता है मजबूत
रात को खाना खाने के बाद हल्की सैर बेहद फायदेमंद होती है, लेकिन इस समय तेज चलना नहीं चाहिए क्योंकि इससे शरीर एक्टिव हो जाता है और नींद लाने वाले हार्मोन कम बनते हैं। हल्की चाल से की गई वॉक पाचन को दुरुस्त रखती है और भोजन शरीर को बेहतर तरीके से पोषण देता है।
Inputs: IANS
