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दिनभर के काम के बाद थक जाती हैं आंखें, इन आयुर्वेदिक नुस्खों से पाएं आराम

आयुर्वेद यह भी सिखाता है कि आंखों की देखभाल सिर्फ आंखों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी जीवनशैली से जुड़ी है। समय पर सोना, संतुलित भोजन, योग और नियमित व्यायाम आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।

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आंखों की थकान दूर करने के आसान उपाय (Photo: Istock)

आज के समय में लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन देखने की वजह से आंखें जल्दी थक जाती हैं और दृष्टि कमजोर होने लगती है। ऐसे में आयुर्वेद के सरल और नेचुरल उपाय आपकी आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं। ये तरीके सिर्फ आंखों को आराम नहीं देते, बल्कि उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करते हैं।

सबसे पहला तरीका है पदाभ्यंग यानी पैर की मालिश। रोजाना पैरों की मालिश अंजीर या तिल के तेल से करें। पैरों की मालिश से न केवल रक्त संचार बेहतर होता है, बल्कि आंखों की रोशनी भी तेज होती है और कई तरह की आंखों की बीमारियों से बचाव होता है।

दूसरा तरीका है शीतोदक उपचार। इसके अंतर्गत आप दिन में 2 से 4 बार मुंह में ठंडा पानी रख सकते हैं। ऐसा करने से आंखों की रोशनी बनी रहती है और दृष्टि में सुधार होता है। इसके अलावा, शीतल जल की कुछ बूंदें आंखों में डालना भी फायदेमंद है। दिन में 3-4 बार ठंडे पानी की कुछ बूंदें आंखों में डालने से आंखों को ठंडक मिलती है और दृष्टि बेहतर रहती है।

एक और आसान उपाय है पानी से गीले हाथों को आंखों पर रखना। इसके साथ ही हर भोजन के बाद हाथ धोना भी जरूरी है। ये आदतें रिफ्रेक्टिव एरर्स, मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से बचाव में मदद करती हैं। आंखों की सुरक्षा में नहाने की विधि भी बहुत असरदार है। रोजाना गर्म पानी से नहाना सही रहता है, लेकिन अगर सिर पर रोजाना बहुत गर्म पानी डालेंगे, तो यह आंखों की रोशनी को कमजोर कर सकता है। इसलिए सिर से स्नान करते समय पानी का तापमान संतुलित रखें।

इसके अलावा, आयुर्वेद यह भी सिखाता है कि आंखों की देखभाल सिर्फ आंखों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी जीवनशैली से जुड़ी है। समय पर सोना, संतुलित भोजन, योग और नियमित व्यायाम आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।

इनपुट -आईएएनएस

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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