Ayurveda Remedies To Prevent Digestive Issues On Diwali: दिवाली का त्यौहार आते ही हर घर में खुशियों की रौशनी, मिठाइयों की महक और तैलीय पकवानों की खुशबू फैल जाती है। गुजिया, लड्डू, समोसा और चिप्स जैसी चीजें हर कोने में बन रही होती हैं। लेकिन अक्सर लोग इस त्यौहार की खुशी में अपने पेट का ख्याल भूल जाते हैं।
डॉ. चंचल शर्मा, आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार, पाचन शक्ति यानी ‘अग्नि’ मजबूत रखना बेहद जरूरी है। अगर पाचन कमजोर होगा तो एसिडिटी, गैस और कब्ज जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए दिवाली पर भी अपने पेट और डाइजेशन का ध्यान रखना जरूरी है।
खाने में संतुलन बनाए रखें
डॉ. शर्मा कहती हैं कि दिवाली में बार-बार खाने की आदत से पाचन बिगड़ जाता है। कोशिश करें कि दो खाने के बीच कम से कम तीन घंटे का अंतर हो। एक ही बार में बहुत भारी और तैलीय खाना न लें। खाने के बाद हल्का टहलना पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है।
अदरक-नींबू का सेवन करें
अगर आप हर डिश का स्वाद लेना चाहते हैं तो खाने से पहले अदरक का छोटा टुकड़ा और उसके ऊपर नींबू का रस व चुटकीभर नमक डालकर खाएं। डॉ. शर्मा के अनुसार, इससे पाचन मजबूत रहता है और खाना आसानी से पच जाता है।
त्रिफला और अजवाइन से पेट रखें फिट
रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच त्रिफला लेने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं। वहीं, अजवाइन पेट की गैस और भारीपन दूर करने के लिए बहुत मददगार है। डॉ. शर्मा बताती हैं कि जब भी पेट भारी लगे, अजवाइन और गुनगुने पानी का सेवन करें।
हर्बल ड्रिंक अपनाएं
त्योहार में मेहमानों के आने-जाने और चाय-कॉफी के सिलसिले के बीच हर्बल ड्रिंक लेना अच्छा है। जीरा, सौंफ, धनिया-पुदीना से बने पानी पीने से पेट हल्का रहता है और डाइजेशन दुरुस्त रहता है। सुबह खाली पेट शहद-नींबू पानी भी फायदेमंद है।
हल्का भोजन करके डिटॉक्स करें
डॉ. शर्मा कहती हैं कि दिवाली के बाद कुछ दिन हल्का और सुपाच्य भोजन खाएं। खिचड़ी, दलिया, दही या छाछ जैसी चीजें शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करती हैं। मीठा और तैलीय खाना सीमित मात्रा में ही लें।
डॉ. की सलाह है कि दिवाली का मजा तभी पूरा होता है जब पेट भी खुश रहे। थोड़ी सावधानी, संतुलित आहार और आसान आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाकर आप दिवाली का स्वाद तो ले सकते हैं और पेट की परेशानियों से भी बच सकते हैं।
