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चाय-कॉफी छोड़ इन आयुर्वेदिक ड्रिंक्स के साथ करें अपने दिन की शुरुआत, सेहत के लिए हैं अमृत समान

Early Morning Ayurvedic Drinks : दिन की शुरुआत में ज्यादातर लोग चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं। जिसे पीकर वह काफी एनर्जेटिक फील करते हैं। लेकिन ये ड्रिंक्स आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। आज हम आपको आयुर्वेद में बताई कुछ बेहतरीन मॉर्निंग ड्रिंक्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

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healthy morning drinks

Early Morning Ayurvedic Drinks : सुबह की शुरुआत अगर आयुर्वेदिक और प्राकृतिक ड्रिंक से की जाए, तो यह न केवल शरीर को ऊर्जावान बनाता है बल्कि कई बीमारियों से बचाव भी करता है। ऐसे में आप इन सात आयुर्वेदिक ड्रिंक्स को ट्राई कर सकते हैं जो बॉडी को डिटॉक्स करने और चुस्त बनाए रखने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कुछ असरदार होममेड ड्रिंक्स जिनका सेवन आप रोज सुबह कर सकते हैं।

सुबह उठने के बाद सबसे पहले गुनगुना पानी पीना चाहिए। यह शरीर से विषैले तत्वों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। यह साधारण सा उपाय पूरे दिन की पाचन क्रिया को सुचारू रखता है और त्वचा में भी निखार लाता है।

दूसरा है नींबू और शहद वाला पानी, जो वजन घटाने में बेहद कारगर माना जाता है। यह शरीर में जमा फैट को कम करता है और मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करता है। इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और सर्दी-जुकाम से बचाव में सहायक होते हैं।

सुबह तुलसी पानी का सेवन किया जा सकता है। तुलसी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं जो श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं। यह अस्थमा, खांसी और सर्दी जैसी समस्याओं में राहत देता है तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

चौथा ड्रिंक है मेथी दाना पानी। रातभर भीगे मेथी दानों का पानी सुबह खाली पेट पीने से डायबिटीज नियंत्रण में रहता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। मेथी शरीर में इंसुलिन के स्तर को संतुलित करती है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करती है।

पांचवां है एलोवेरा जूस, जो त्वचा और बालों के लिए बेहद लाभदायक है। इसमें विटामिन, खनिज और एंजाइम होते हैं जो शरीर की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करते हैं और प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं। यह जूस शरीर को अंदर से डिटॉक्स करता है और त्वचा में नमी बनाए रखता है।

छठा आयुर्वेदिक पेय है आंवला जूस। इसे आयुर्वेद में अमृत फल कहा गया है क्योंकि इसमें विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, बालों को झड़ने से रोकता है और त्वचा को स्वस्थ रखता है। नियमित सेवन से यह शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाए रखता है।

इसके अलावा, गिलोय के पानी का सेवन शरीर को अनेक रोगों से बचाने में सहायक होता है। गिलोय को अमृता कहा जाता है क्योंकि यह शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत कर संक्रमण से रक्षा करता है और थकान को दूर करता है।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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