Body Temperature: बुखार न होने पर भी शरीर रहता है गर्म, ये हो सकते हैं कारण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 26, 2022, 06:05 AM IST

Body Temperature: शरीर का तापमान  98 डिग्री फारेनहाइट से बढ़ जाए, तो उससे लोग चिंतित हो जाते हैं और बुखार की दवाई ले लेते हैं, लेकिन कई बार बढ़े हुए तापमान का कारण बुखार नहीं होता है, इसके कई अन्य कारण हो सकते हैं, जो इस लेख में आप जान सकते हैं। 

Body Temperature: बुखार न होने पर भी शरीर रहता है गर्म, ये हो सकते हैं कारण

Body Temperature: अक्सर देखा जाता है कि जिन लोगों के शरीर का तापमान गर्म होता है, वो इसे बुखार समझकर बुखार की दवाई ले लेते हैं। हालांकि, शरीर के गर्म होने का कारण सिर्फ बुखार नहीं होता है। दरअसल, 98 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर यदि शरीर का तापमान पहुंच जाए, तो लगता है कि बुखार है। हालांकि, हर बार बुखार इसका कारण नहीं होता है। शरीर के तापमान बढ़ने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। दरअसल, सामान्य तौर पर शरीर का तापमान 98.6 डिग्री होता है। अलग-अलग व्यक्ति के शरीर का तापमान अलग-अलग हो सकता है, साथ ही दिन के अलग-अलग समय में भी शरीर का तापमान बदल सकता है। 

बिना बुखार के शरीर का तापमान बढ़ने के ये होते हैं कारण

समय के साथ बदलता है शरीर का तापमान

डॉक्टर्स की मानें तो शरीर का तापमान समय के साथ बदल सकता है। ये सुबह के समय थोड़ा कम और दोपहर में थोड़ा बढ़ा हुआ सकता है। इसलिए, केवल तापमान बढ़ने को बुखार नहीं मानना चाहिए। हालांकि, इसका अन्य कोई कारण भी हो सकता है। 

इन स्थिति में बढ़ता है शरीर का तापमान

वैसे तो शरीर का सामान्य तापमान 98.6 डिग्री होता है, लेकिन बुजुर्गों में ये कम हो सकता है। वहीं, जो शारीरिक रूप से क्रियाशील होते हैं, उनका तापमान सामान्य से काफी बढ़ सकता है, लेकिन शरीर का तापमान बढ़ने पर भी वो स्वस्थ रहते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, व्यायाम, कसरत, गर्भावस्था और खाने के दौरान शरीर का तापमान बढ़ सकता है।

ऐसी स्थिति में हो सकता है बुखार

यदि आपका तापमान 99.7 डिग्री फारेनहाइट है, तो आपको बुखार हो सकता है। हालांकि, तापमान को नापते वक्त उससे ठीक पहले आपने जो खाया है, उसका असर पर तापमान को प्रभावित कर सकता है, लेकिन आपको यदि शरीर के बढ़े हुए तापमान के साथ सांस लेने में दिक्कत, शरीर में दर्द, पेशाब में जलन जैसी समस्या भी हो रही है, तो ऐसे में डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है।

( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

End of Article