Side Effects of Garlic: लहसुन न केवल सब्जी का स्वाद बढ़ाने का काम करता है, बल्कि सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होता है। इसके सेवन से सर्दी-खांसी की समस्या से भी राहत मिलती है। दरअसल, लहसुन में रोगाणुरोधी, एंटी इंफ्लेमेटरी है और एक एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो खून के थक्कों को कम करने में साथ ही कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी असरदार होते हैं। हालांकि, कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए लहसुन का सेवन करते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखा जाना जरूरी होता है, क्योंकि इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि लहसुन का सेवन करने से कौन से साइड इफेक्ट्स होते हैं और किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
क्या कहते हैं अध्ययन
एक अध्ययन में कहा गया है कि, लहसुन कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में बहुत कारगर होता है। लहसुन का अर्क (एजीई) कोलेस्ट्रॉल के लेवल को 7 प्रतिशत तक कम कर सकता है। एक शोध में ये साफ हुआ कि जब हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया वाले पुरुषों ने यह लहसुन का अर्क लिया, तो उनका एलडीएल कोलेस्ट्रॉल 10 प्रतिशत कम हो गया।
लहसुन दवाइयों का विकल्प नहीं है
शोध में ये भी साबित हुआ है कि कोलेस्ट्रॉल पर लहसुन का प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहता है। आसान शब्दों में कहा जाए तो लहसुन कोलेस्ट्रॉल से राहत पाने के लिए दवाइयों का विकल्प नहीं है, क्योंकि लहसुन का सेवन बंद करने के छह महीने बाद फिर से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।
इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं
हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि लहसुन के निरंतर सेवन से कोलेस्ट्रॉल से तो राहत मिलती है, लेकिन इससे शरीर पर कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसे एग्रेशन, सांसों की दुर्गंध, पेट फूलना और गैस्ट्रिक समस्याएं।
लहसुन का यदि अधिक मात्रा में सेवन किया जाए, तो इससे खून का थक्का बनने में भी कमी आती है, जिससे किसी चोट के दौरान अत्यधिक रक्तस्त्राव हो सकता है, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

