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पकाने से पहले हमेशा भिगोकर रखनी चाहिए ये चीजें, सेहत को मिलते हैं दोगुने फायदे, आयुर्वेद के अनुसार इतनी देर भिगोना जरूरी

Foods To Soak Before Eating In Hindi: भोजन का स्वाद जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी है उसकी गुणवत्ता और पाचन क्षमता। आयुर्वेद हमें यही सिखाता है कि अगर हम कुछ आसान आदतें अपनाएं- जैसे कि खाना पकाने से पहले सही समय तक भिगोना तो हम अपने शरीर को बेहतर पोषण दे सकते हैं। यहां जानें कौन से फूड्स को खाने से पहले भिगोना जरूरी है।

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Foods To Soak Before Eating In Hindi

Foods To Soak Before Eating In Hindi: हम अक्सर खाना बनाते समय इस बात पर ध्यान नहीं देते कि उसे कैसे तैयार किया गया है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें पकाने से पहले जरूर भिगोना चाहिए। ऐसा करने से ना सिर्फ उनकी पौष्टिकता बढ़ती है, बल्कि शरीर उन्हें आसानी से पचा भी पाता है।

दरअसल, कुछ फूड्स में फाइटिक एसिड, लेक्टिन्स और एंजाइम इनहिबिटर्स जैसे तत्व होते हैं जो पाचन में बाधा डालते हैं और पोषक तत्वों के अवशोषण को कम कर देते हैं। इसलिए अगर इन चीजों को सही समय तक भिगोकर पकाया जाए, तो शरीर को इससे दुगना फायदा मिलता है। हेल्थ इन्फ्लूएंसर और आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. वरलक्ष्मी ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे फूड्स शेयर किए हैं, जिन्हें भिगोए बिना नहीं खाना चाहिए। यहां जानें इनके बारे में...

कौन से फूड्स हमेशा भिगोकर खाने चाहिए - Which Foods Should Be Soak Always Before Eating In Hindi

बीन्स

राजमा, छोले या लोबिया जैसी बीन्स को हम सभी पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें फाइटिक एसिड और लेक्टिन्स जैसे तत्व होते हैं, जो पाचन तंत्र पर असर डाल सकते हैं? इन्हें रातभर यानी लगभग 8 से 12 घंटे भिगोकर रखने से ये हानिकारक तत्व काफी हद तक निकल जाते हैं। इससे बीन्स न सिर्फ जल्दी पकती हैं बल्कि शरीर भी उन्हें आसानी से पचा लेता है।

दालें

मूंग, मसूर, अरहर जैसी दालें हमारी रोज़ की थाली का हिस्सा हैं। इन्हें पकाने से पहले कम से कम 4 घंटे के लिए पानी में भिगोना चाहिए। इससे दालों में मौजूद फाइटिक एसिड और लेक्टिन्स कम हो जाते हैं। एक आसान उपाय ये है कि भिगोते समय पानी में थोड़ा-सा नींबू का रस मिला दें, इससे लेक्टिन्स और तेजी से टूटते हैं।

अनाज

चावल, गेहूं, बाजरा जैसे अनाजों को पकाने से पहले 6 से 8 घंटे भिगोना चाहिए। इससे इनमें मौजूद फाइटिक एसिड हट जाता है, जो शरीर में ज़रूरी मिनरल्स के अवशोषण में रुकावट डालता है। भिगोकर पकाने से अनाज न सिर्फ जल्दी पकता है, बल्कि हल्का और सुपाच्य भी बनता है।

मेवे

बादाम, अखरोट, काजू जैसे मेवों को भिगोकर खाना काफी फायदेमंद होता है। ये चीजें बिना भिगोए खाने पर भारी लग सकती हैं। 6 घंटे तक पानी में रखने से इनमें मौजूद एंजाइम इनहिबिटर्स निकल जाते हैं और इन्हें पचाना आसान हो जाता है। भीगे हुए बादाम सुबह-सुबह खाना आयुर्वेद में बेहद फायदेमंद माना गया है।

बीज

कद्दू, चिया, सूरजमुखी के बीज छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इनमें पोषण भरपूर होता है। इन्हें 1 से 2 घंटे भिगोकर खाने से इनके अंदर के एंजाइम इनहिबिटर्स और फाइटिक एसिड कम हो जाते हैं, जिससे शरीर इन्हें अच्छे से उपयोग कर पाता है।

पालक और केल

पालक और केल जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में ऑक्सैलिक एसिड पाया जाता है, जो शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में रुकावट डाल सकता है। इन्हें धोकर 1 से 2 घंटे पानी में भिगोकर रखने से ऑक्सैलिक एसिड के क्रिस्टल्स कम हो जाते हैं और ये सब्जियां अधिक फायदेमंद बनती हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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