Yoga For Asthama Patient: प्रदूषण की वजह से लोग इन दिनों कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जुझ रहे हैं। वायु प्रदूषण का सीधा असर हमारे फेफड़ों पर होता है। जिससे सांस संबंधी कई तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता। इन दिनों कई लोग अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारी से पीड़ित हैं। बता दें कि वायु प्रदूषण की वजह से हवा में मौजूद जहरीले कण हमारे फेफड़े में प्रवेश कर जाते हैं जिसकी वजह से वायु मार्ग में सूजन आ जाती है और इससे सांस लेने में तकलीफ होती है। सांस से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आप कुछ योग कर सकते हैं। आज हम आपको कुछ योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप फेफड़ों को मजबूत और सांस से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकते हैं।
अस्थमा और सांस की समस्या दूर करने के लिए करें ये योगासन
कपालभाती प्राणायम
अस्थमा और श्वसन संबंधी को दूर करने में कपालभाती प्राणायाम काफी सहायक माना जाता है। इस योगासन को करने से फेफड़ों में आक्सीजन का प्रवाह काफी तेजी से होता है। रोजाना 15 मिनट कपालभाती प्राणायम करने से सांस से जुड़ी समस्याओं से जल्द आराम मिल सकता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठें और रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर हथेलियों को घुटने पर रख लें। अब नाक के जरिए धीरे-धीरे लंबी और गहरी सांस लें और धीरे धीरे सांसों को भी बाहर निकालें।
भस्त्रिका प्राणायाम
फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए आप भस्त्रिका प्राणायाम कर सकते हैं। भस्त्रिका करने से श्वास की समस्याएं दूर होती है। अस्थमा के मरीजों के लिए यह योगासन बेहद फायदेमंद माना जाता है।
सूर्यभेदी प्राणायाम
सांस से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में सूर्यभेदी प्राणायाम भी बेहद कारगर माना जाता है। सूर्यभेदी प्राणायाम में दाईं नासिका छिद्र से सांस ली जाती है और फिर बाईं तरफ से सांस को छोड़ी जाती है। इस योगासन को करने से शरीर का तापमान भी बना रहता है।
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम एक ऐसा योग है जो श्वसन प्रणाली के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। रोजाना 10-15 मिनट तक इस प्राणायाम को करने से फेफड़े मजबूत होते हैं और अस्थमा से जल्द आराम मिलता है।
