मिलिट्री ट्रेनिंग क्यों ले रहे हैं लालू यादव के नाती आदित्य, क्या है BMT प्रशिक्षण? मां रोहिणी आचार्य ने क्या बताया
- Written by: आलोक कुमार राव
- Updated Jan 8, 2026, 02:52 PM IST
लड़ाकू भूमिका में जो युवा शारीरिक रूप से फिट होते हैं, उनका प्रशिक्षण कई तरीके से होता है। इस प्रशिक्षण में उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत बनाना, रूट मार्च, युद्ध कौशल-रणनीति, ट्रेन-फायर कोर्स, ग्रेनेड चलाना, अर्बन ऑपरेशन, फील्ड कैंप, फील्ड क्राफ्ट, तैराकी और अन्य तरह के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के बड़े बेटे हैं आदित्य। तस्वीर-X/@RohiniAcharya2
Rohini Acharya son Aditya: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के नाती आदित्य सिंगापुर में दो साल की मिलिट्री ट्रेनिंग ले रहे हैं। आदित्य राजद सुप्रीमो की बेटी राहिणी आचार्य के बेटे हैं। सिंगापुर में नेशनल सर्विस के लिए वहां के प्रत्येक नागरिक को दो साल का यह सैन्य प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। इस सैन्य प्रशिक्षण का उद्देश्य नागरिकों को अनुशासित, चुनौतियों से सामना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। आदित्य के इस मिलिट्री ट्रेनिंग की जानकारी उनकी मां रोहिणी ने सोशल मीडिया x पर दी है।
'आज मेरा दिल गर्व से भरा हुआ है'
अपने इस पोस्ट में रोहिणी ने कहा कि 'आज मेरा दिल गर्व से भरा हुआ है, आज अपनी प्री - यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद 18 साल की उम्र में हमारा बड़ा बेटा आदित्य 2 साल की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए गया है।' रोहिणी ने आगे लिखा-'आदित्य .. तुम बहादुर , साहसी और अनुशासन के साथ रहने वाले हो, जाओ कमाल कर दिखाओ, हमेशा याद रखना जीवन की सबसे कठिन लड़ाइयों में ही योद्धा बनते हैं... हम सबों का सारा प्यार और हौसला हमेशा तुम्हारे साथ है।'
लंबे समय से सिंगापुर में रहती है रोहिणी
रिपोर्टों के मुताबिक राहिणी अपने पति समरेश सिंह के साथ सिंगापुर में लंबे समय से रह रही हैं। रोहिणी के बच्चों में आदित्य सबसे बड़े हैं। आदित्य से छोटे उनके दो भाई-बहन हैं। बीएमसी ट्रेनिंग लेने के बाद वहां की सेना में भर्ती होना आसान हो जाता है। यह सैन्य प्रशिक्षण का पहला कदम है। सिंगापुर की पूर्णकालिक सरकारी सेवा पाने के लिए इस प्रशिक्षण का होना अनिवार्य है। सिंगापुर के स्थायी निवासियों के दूसरी पीढ़ी जब वयस्क हो जाती है तो उन्हें भी दो साल के इस प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है।
एनएस के लिए तीन सशस्त्र बल देते हैं NS की ट्रेनिंग
बीएमटी के तहत कैडेट को किस तरह और कितने समय तक ट्रेनिंग देने की आवश्यकता है यह फिजिकल एम्प्लॉयमेंट स्टैंडर्ड (पीईएस) और प्रि-एनलिस्टी इंडिविजुअल फिजिकल प्रोफिसिएंसी टेस्ट (आईपीपीटी) पर निर्भर करता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किए जाने से दो महीने पहले लोगों को इनलिस्टमेंट नोटिस जाती है। सिंगापुर में सिंगापुर सिविल डिफेंस फोर्स (एससीडीएफ), सिंगापुर पुलिस फोर्स (एसपीएफ) और द सिंगापुर आर्म्ड फोर्सेज (एसएएफ) ये तीन ऐसे सशस्त्र बल हैं जहां नेशनल सर्विस के लिए युवाओं को शामिल किया जा सकता है।
कई तरह से होता है युवाओं का प्रशिक्षण
लड़ाकू भूमिका में जो युवा शारीरिक रूप से फिट होते हैं, उनका प्रशिक्षण कई तरीके से होता है। इस प्रशिक्षण में उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत बनाना, रूट मार्च, युद्ध कौशल-रणनीति, ट्रेन-फायर कोर्स, ग्रेनेड चलाना, अर्बन ऑपरेशन, फील्ड कैंप, फील्ड क्राफ्ट, तैराकी और अन्य तरह के प्रशिक्षण दिए जाते हैं। सिंगापुर की सरकार का कहना है कि बीएमटी का उद्देश्य देश के लिए केवल एक सैनिक तैयार करना नहीं बल्कि युवाओं में सैन्य जीवन प्रेरित करना है। यह प्रशिक्षण उन्हें जीवन में अनुशासित और चुनौतियों से सामना करना सीखाता है।
बीएमटी के बाद OCS-SCS में होती है ट्रेनिंग
रिपोर्टों के मुताबिक प्रशिक्षण पूरा हो जाने के बाद कमांडरों की आकलन रिपोर्ट के अनुरूप उन्हें टास्क सौंपे जाते हैं। सिंगापुर आर्म्ड फोर्सेज (SAF) में वकेशनल ट्रेनिंग तीन समूह में विभाजित है, पहली है कॉम्बैट, दूसरी है कॉम्बैट सपोर्ट और तीसरी है कॉम्बैट सर्विस सपोर्ट। एक बार ऑफिसर कैडेट्स के रूप में चुने जाने के बाद उन्हें ऑफिसर कैडेट स्कूल (OCS) भेजा जाता है। यहां कैडेट को 38 सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरना होता है। इस प्रशिक्षण में सफल युवा ही SAF में ऑफिसर बनने के उपयुक्त माने जाते हैं। कुछ युा को स्पेशलिस्ट कैडेट स्कूल (एससीएस) में भेजा जाता है। यहां इनकी करीब 22 सप्ताह की ट्रेनिंग होती है। इस सफल ट्रेनिंग के बाद वे आर्मी वारंट ऑफिसर स्पेशियलिस्ट (WOSpecs) बनते हैं।