Russia-Ukraine War: 24 फरवरी 2022 को रूस ने जब यूक्रेन पर हमला बोला तो दुनिया ने यही समझा कि यह युद्ध कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा क्योंकि रूस की सैन्य क्षमता के आगे यूक्रेन नहीं टिक पाएगा, वह घुटने टेक देगा लेकिन साढ़े चार साल बाद भी यूक्रेन यह युद्ध लड़ रहा है। इस युद्ध में यूक्रेन को काफी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में उसके नागरिक मारे गए हैं और जख्मी हुए हैं। यूक्रेन के करीब 18 से 20 फीसदी हिस्से पर रूस का नियंत्रण हो चुका है। रूसी हमलों का यूक्रेन ने भी पलटवार किया है। यूक्रेन के हमलों में उसके सैनिक हताहत हुए हैं और कीव अब रूस के अंदरूनी इलाकों में हमले कर रहा है। कहने का मतलब है कि युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के बीच वार-पलटवार जारी है। युद्ध कब रुकेगा, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। अब दोनों देश रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाने से परहेज नहीं कर रहे। एक दूसरे को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में संपत्तियों को नुकसान तो पहुंच ही रहा है, आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं।
रूस के सहयोगी देश की थी मिसाइल-जेलेंस्की
यूक्रेन और रूस के बीच जंग की सूरत बदल रही है। दोनों तरफ से ज्यादा भीषण होने शुरू हो गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि उनके देश पर हमले के लिए रूस अब उत्तर कोरिया की मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक जेलेंस्की ने कहा है कि जापोरिझिया में हुए हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई और कम से कम 19 लोग घायल हुए। हमले में रूस के सहयोगी देश की मिसाइल का इस्तेमाल हुआ। यूक्रेन के खिलाफ रूसी हमलों में तेजी उस समय आई है जब कीव लगातार ऑनलाइन रिटेलर वाइल्डबेरीज के गोदामों को निशाना बनाया है। वाइल्डबेरीज को रूस का ‘अमेजन’ कहा जाता है और हाल के हफ्तों में उसके ठिकानों को बार-बार निशाना बनाया गया है। यूक्रेन पर ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब इससे एक दिन पहले यूक्रेनी ड्रोन हमलों में रूस के तातारस्तान गणराज्य में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। तातारस्तान यूक्रेन की सीमा से 1,100 किलोमीटर (680 मील) से अधिक दूर है।
पश्चिमी रूस में तैनात होनी शुरू हो चुकी हैं मिसाइलें
दरअसल, बीते 5 अगस्त की रात कीव पर रूस ने मिसाइलों और ड्रोन्स की ऐसी बारिश की कि 16 लोगों की जान चली गई। एक हफ्ते में यूक्रेन की राजधानी पर ये तीसरा बड़ा हमला था। लेकिन असली खबर इस हमले से भी बड़ी है। ठीक उसी दिन, यूक्रेन की मिलिट्री इंटेलिजेंस ने एक ऐसा दावा किया जो इस जंग की दिशा बदल सकता है। उत्तर कोरिया अब सिर्फ हथियार और सैनिक नहीं, बल्कि अपनी पूरी मिसाइल यूनिट रूस भेज रहा है। यानी अब उत्तर कोरियाई सैनिक खुद बैलिस्टिक मिसाइलें चलाकर यूक्रेन पर हमला कर सकते हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी GUR के प्रवक्ता आंद्रेई चेर्न्याक ने बताया कि उत्तर कोरिया की एक मिसाइल यूनिट पश्चिमी रूस में तैनात होनी शुरू हो चुकी है। इस यूनिट के पास आने वाले समय में करीब 120 बैलिस्टिक मिसाइलें और 6 लॉन्चर हो सकते हैं। इसमें लगभग 90 उत्तर कोरियाई सैनिक होंगे, और इन्हें रूस के वोरोनिश क्षेत्र में, यूक्रेन सीमा से करीब 150 किलोमीटर दूर, रूस की 112वीं मिसाइल ब्रिगेड के तहत तैनात किया जाएगा।
अमेरिका को इस बात की जानकारी -रिपोर्ट
यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि रॉयटर्स खुद लिखता है कि वो चेर्न्याक के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका, क्योंकि ये जानकारी खुफिया सूत्रों पर आधारित है। यानी ये यूक्रेनी इंटेलिजेंस का दावा है, पुख्ता तथ्य नहीं लेकिन अमेरिका को भी इस तैनाती की जानकारी है, ये बात एक सूत्र ने रॉयटर्स को पुष्टि की। सीआईए ने इस पर कमेंट करने से मना कर दिया, और व्हाइट हाउस की तरफ से भी कोई जवाब नहीं आया। चेर्न्याक के मुताबिक, उत्तर कोरिया पहले ही 40 KN-23 और KN-24 मिसाइलों की एक नई खेप और उनका ऑपरेट करने वाला स्टाफ रूस भेज चुका है। पूरी तैनाती का आखिरी स्वरूप अगले महीने होने वाली उच्च-स्तरीय बातचीत में तय होगा।
कितनी खतरनाक हैं ये मिसाइलें
अब सवाल ये है कि ये KN-23 और KN-24 मिसाइलें आखिर हैं क्या। ये उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनकी रेंज और पेलोड रूस की इस्कंदर मिसाइल से ज्यादा है, लेकिन सटीकता कम है। यही कमी इन्हें ज्यादा खतरनाक बनाती है क्योंकि कम सटीक मिसाइलें अक्सर नागरिक इलाकों में गिरती हैं, और यूक्रेनी सैन्य सूत्रों के मुताबिक इनसे नागरिकों की मौत के मामले ज्यादा जुड़े हैं। रूस ने पिछले हफ्ते ही अगस्त 2025 के बाद पहली बार उत्तर कोरियाई मिसाइलें यूक्रेन पर दागी थीं और ये उसी नई 40-मिसाइल खेप में से थीं। थिंक टैंक फॉरेन पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के रॉब ली कहते हैं कि यूक्रेन की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस है, और उत्तर कोरियाई मिसाइलों की संख्या बढ़ना यूक्रेन के लिए चुनौती और बड़ी कर देगा। खासकर आने वाली सर्दियों में, जब रूस बिजली ग्रिड पर बड़े हमले कर सकता है, जैसा पिछले सालों में हुआ था।
