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ट्रंप के मन में क्या; 13 दिनों तक ईरान पर कहर बरपाने के बाद क्यों थमे हमले? हथियार तो नहीं हो गए खत्म

US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार 13 दिनों की सैन्य कार्रवाई के बाद अचानक हमलों पर रोक लगा दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ समय पहले अमेरिकी अधिकारियों ने हथियारों के घटने भंडार को लेकर चिंता जताई थी।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Photo : AP

US Iran Conflict: मिसाइल और ड्रोन हमलों से पश्चिम एशिया कांप रहा है। चारों तरफ तबाहियों के निशां नजर आ रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 13 दिनों तक लगातार सैन्य कार्रवाई की, लेकिन वॉशिंगटन ने अब हमले अचानक रोक दिए। हालांकि, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकी क्यों? इसके पीछे की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयनमैन जनरल डैन केन ने संघर्ष को और बढ़ाने तथा अमेरिकी हथियारों के घटते भंडार को लेकर चिंता जताई थी।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर लगा विराम

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में शुक्रवार को हुई एक बैठक के दौरान वेंस और केन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने अपनी चिंताएं रखीं। ट्रंप इस बैठक में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को और तेज करने की संभावनाओं पर विचार कर रहे थे। इसके बाद, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार रात में की जाने वाली सैन्य कार्रवाइयों पर रोक लगा दी। रक्षा विभाग के एक सूत्र के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य अभियान फिलहाल रोक दिया गया है।

हथियारों के भंडार को लेकर चिंता

बकौल रिपोर्ट, जनरल केन ने ट्रंप को अमेरिकी हथियारों और गोला-बारूद के भंडार की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना राष्ट्रपति के सामने मौजूद सैन्य विकल्पों को सफलतापूर्वक लागू करने में सक्षम है, लेकिन इसके संभावित परिणामों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलों को रोकने की मुख्य वजह हथियारों का घटता भंडार या कोई अन्य कारण था।

क्या अमेरिका के पास खत्म हो रहे हथियार

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के कई अहम हथियारों के भंडार में पहले ही कमी आ चुकी है। अगर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई लंब समय तक जारी रही तो इन पर और दबाव पड़ सकता है। युद्ध शुरू होने से पहले भी जनरल केन और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप को चेतावनी दी थी कि लंबे सैन्य अभियान का असर अमेरिकी हथियारों के भंडार पर पड़ सकता है।

donald trump

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

ट्रंप के करीबी लोगों और पेंटागर के कुछ अधिकारियों को भी ऐसी आशंकाएं थीं कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को और बढ़ाने से वह नतीजे हासिल नहीं होंगे, जिनकी राष्ट्रपति ट्रंप उम्मीद कर रहे हैं।

'बातचीत जारी, सैन्य विकल्प भी खुले'

शुक्रवार को कैबिनेट सदस्यों और वरिष्ठ सलाहकारों के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखे हुए है, लेकिन सैन्य विकल्प अभी भी खुले हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और उन्हें लगता है कि जैसे-जैसे दिन गुजर रहे हैं, ईरान बातचीत को लेकर और गंभीर होता जा रहा है। साथ ही कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

इससे पहले, ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज में किसी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका हर बार उसके एक पुल या बिजली संयंत्र को नष्ट कर देगा। ट्रंप ने कहा था, ''अब से, इस्लामी गणराज्य ईरान जब भी होर्मुज में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से निशाना साधेगा, अमेरिका उसके एक पुल या बिजली संयंत्र पर बमबारी करेगा और उसे नष्ट कर देगा।''

ट्रंप एक तरफ बातचीत के जरिए कूटनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन दूसरी ओर धमकाते हुए अपनी बातों को मनमाने की कोशिशें भी कर रहे हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तो संभवत: दोनों के बीच हमले पूरी तरह रुक जाते।

कूटनीतिक प्रयासों को मिली रफ्तार

अमेरिकी हमलों पर रोक ऐसे समय लगी है जब ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंचा है और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौते पर काम कर रहा है। क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ईरान और ओमान के बीच वीकेंड में किसी समझौते की संभावना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इस सप्ताह ईरान पर बड़े हमले की संभावना जताई थी, लेकिन उन्होंने निजी तौर पर वार्ताकारों को बातचीत जारी रखने के निर्देश दिए थे। इससे संकेत मिलता है कि ट्रंप सीमित सैन्य कार्रवाई और कूटनीति, दोनों विकल्पों पर एक साथ विचार कर रहे थे।

शुक्रवार दोपहर तक ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को और बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रहा था। वहीं, खाड़ी देशों ने भी अमेरिकी अधिकारियों के साथ हालिया बातचीत में संयम बरतने की अपील की है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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