Donald Trump: ईरान के साथ सीजफायर की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध रोकने की एक बड़ी पहल की है लेकिन अमेरिका में अपने खिलाफ बढ़ते विरोध को वह कम नहीं कर पा रहे हैं। ट्रंप का अपने घर में ही विरोध काफी तेज हो गया है। राष्ट्रपति पद से उन्हें हटाए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक 85 डेमोक्रेट सांसदों ने महाभियोग लगाकर अथवा संविधान के 25वें संशोधन के जरिए ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने जाने की मांग की है।
कमजोर नहीं दिखना चाहते डेमोक्रेट
ट्रंप को हटाए जाने की मांग मंगलवार शाम और तेज हो गई। हालांकि, मात्र इतने भर से ट्रंप को कुर्सी से नहीं हटाया जा सकता। उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए डेमोक्रेट पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी के सहयोग की जरूरत होगी, जिसकी संभावना काफी कम है लेकिन डेमोक्रेट अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। वे अपने मतदाताओं को संकेत देने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं कि वे ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर का रास्ता दिखाना चाहते हैं।
ट्रंप के खिलाफ युद्ध एवं अन्य मामलों का जिक्र
ट्रंप को हटाने वाली मुहिम को आगे बढ़ाते हुए मिच के डेमोक्रेट सांसद श्री थानेदार एवं टेक्सास की सांसद जैसमीन क्रॉकेट ने उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और कैबिनेट को पत्र लिखा है। दोनों सांसदों ने संविधान के 25वें संशोधन के जरिए ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने की मांग की है। वहीं, कॉन से डेमोक्रेट सांसद जॉन लार्सन ने मंगलवार की सुबह ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने वाले दस्तावेजों को पेश किया। सांसद का कहना है कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने के पर्याप्त कारण हैं। उन्होंने ईरान युद्ध के अलावा अन्य मामलों का जिक्र किया है। यही नहीं, डेमोक्रेट यासमीन अंसारी ने कहा है कि युद्ध में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की भूमिका को लेकर वह उनके खिलाफ महाभियोग लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगी।

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85 से ज्यादा डेमोक्रेट चाहते हैं-ट्रंप हटाए जाएं
जहां तक नंबर की बात है तो 85 से ज्यादा ऐसे डेमोक्रेट सांसद हैं जो यह चाहते हैं कि ट्रंप को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया जाए या संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल हो। ट्रंप का विरोध करने वालों में मेंबर्स ऑफ हाउस के बड़े एवं नामचीन एलेक्जांड्रिया ओसासियो-कॉर्टेज एवं हाउस की पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी का भी नाम है। कुछ ऐसे सांसद भी हैं जो ईरान युद्ध पर संसद में वोटिंग कराए जाने की मांग कर रहे हैं। सांसदों का कहना है कि सीजफायर की घोषणा होने के बावजूद उनकी मांग खत्म या कमजोर नहीं हो जाती। वे अब भी ट्रंप को हटाए जाने की अपनी मांग पर कायम हैं।
युद्ध अपराध करने की धमकी नहीं दे सकते ट्रंप-मेनाली स्टैंसबरी
डेमोक्रेट सांसद मेलानी स्टैंसबरी ने X पर कहा कि 'राष्ट्रपति ने दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा की, इसका मतलब यह नहीं है कि वह राष्ट्रपति पद पर बने रहने के लिए फिट हैं। सीजफायर की घोषणा करने से पहले उन्होंने युद्ध अपराध करने की धमकी दी थी।' जबकि सीनेटर एड. मार्की ने कहा कि 'ईरान के साथ एक कथित सीजफायर होने पर वह खुश हैं लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप यह सोचकर कि उन्हें कुछ भी करने की छूट मिली हुई है, युद्ध अपराध करने की धमकी नहीं दे सकते। इस युद्ध को रोकने और ट्रंप को पद से हटाने के लिए कांग्रेस को सत्र बुलाने की जरूरत है।'
'तो समझें ट्रंप के खिलाफ महाभियोग 3.0 आने जा रहा'
एकस्पर्ट्स का कहना है कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की प्रक्रिया में ज्यादा वक्त लग सकता है और ईरान के साथ सीजफायर की अवधि यदि बढ़ती है तो ट्रंप के खिलाफ जो गुस्सा है, उसमें कमी आ सकती है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव के बाद कांग्रेस में डेमोक्रेट पार्टी का एक अथवा दोनों सदनों में दबदबा यदि बढ़ता है तो ट्रंप के लिए मश्किलें बढ़ जाएंगी क्योंकि रिपब्लिकन पार्टी को पता है कि ऐसा होने पर डेमोक्रेट कौन सा कदम उठाएंगे। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मेडो ने कहा कि 'ग्रैंड ओल्ड पार्टी (GOP) हाउस में अपनी बढ़त बनाकर यदि नहीं रख पाती है तो ट्रंप के खिलाफ महाभियोग 3.0 आने जा रहा है।'

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यूएस में कब लाया जाता है महाभियोग
अमेरिकी राष्ट्रपति पर सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, देशद्रोह या अन्य 'उच्च अपराध, दुराचार' के आरोप लगने के बाद उनके खिलाफ महाभियोग लाया जाता है। महाभियोग की यह प्रक्रिया अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में पूरी की जाती है। सबसे पहले हाउस आफ रिप्रेजेंटेटिव में में साधारण बहुमत से महाभियोग प्रस्ताव पारित किया जाता है। इसके बाद मामला सीनेट में जाता है, जहां राष्ट्रपति पर मुकदमा चलता है। अगर सीनेट में दो-तिहाई बहुमत से आरोप साबित हो जाते हैं, तो राष्ट्रपति को पद से हटा दिया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि महाभियोग लगना और पद से हटाया जाना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अब तक अमेरिका में कुछ राष्ट्रपतियों पर महाभियोग लगा, लेकिन सभी को पद से नहीं हटाया गया। ट्रंप पर दो बार महाभियोग लग चुका है।
क्या है अमेरिका का 25वां संशोधन
अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पद से जुड़ी आपात स्थितियों को संभालने का प्रावधान देता है। 25वां संविधान संशोधन) 1967 में लागू हुआ था। इसके तहत यदि राष्ट्रपति का पद खाली हो जाए, तो उपराष्ट्रपति को तुरंत राष्ट्रपति बनाया जाता है। साथ ही, अगर राष्ट्रपति अस्थायी रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर सकता, तो वह अपनी शक्तियां उपराष्ट्रपति को सौंप सकता है। यह संशोधन उस स्थिति के लिए भी व्यवस्था करता है, जब राष्ट्रपति अक्षम हो लेकिन स्वयं यह घोषित न कर सके, तब उपराष्ट्रपति और कैबिनेट मिलकर कार्रवाई कर सकते हैं।
