तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय तक दो बड़े द्रविड़ दलों डीएमके और एआईएडीएमके के इर्द-गिर्द घूमती रही। लेकिन अभिनेता से नेता बने सी.जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ। विजय के साथ नौ अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। इन नौ चेहरों में सबसे ज्यादा चर्चा जिस चेहरे की हो रही है,वह हैं 29 वर्षीय सेल्वी एस.कीर्तना। विजय मंत्रिमंडल में वह अकेली महिला मंत्री हैं और सबसे युवा चेहरा भी।
शपथ लेने के बाद कीर्तना ने कहा कि तमिलनाडु में अब सब कुछ बदलने वाला है। सी जोसेफ विजय सीएम बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वे मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं,और उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। मुझे नहीं लगता है कि दूसरे राज्यों में इतनी आसानी से ऐसा हो पाता।
शिवकाशी में खत्म किया पुरुषों का वर्चस्व
तमिलनाडु का शिव काशी क्षेत्र देशभर में 'फायर क्रैकर कैपिटल'के रूप में पहचाना जाता है। यहां देश भर के सबसे ज्यादा पटाखों का निर्माण किया जाता है। यहां की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर पटाखा उद्योग पर आधारित है। इसी शिवकाशी से टीवीके उम्मीदवार के रूप में एस.कीर्तना चुनावी मैदान में उतरीं थीं। जहां उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अशोकन जी को 11 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। इस मुकाबले में एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजेंद्र बालाजी तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने इस सीट पर लगभग सात दशकों से जारी पुरुषों के वर्चस्व को समाप्त कर दिया।
सरकारी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई फिर सांख्यिकी में की एमएससी
साल 1996 में विरुधुनगर में जन्मीं कीर्तना ने सरकारी स्कूल से शिक्षा हासिल की। उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी की पढ़ाई पूरी की और 2019 में पुडुचेरी विश्वविद्यालय से एमएससी (सांख्यिकी) की।
हालांकि राजनीति में उनकी एंट्री अचानक नहीं हुई। वह लंबे समय से राजनीतिक रणनीति और चुनावी अभियानों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि वह राजनीति को करीब से समझना चाहती थीं कि सिस्टम कैसे चलता है, नौकरशाही किस तरह काम करती है और चुनावी रणनीतियां कैसे तैयार होती हैं।
इसी वजह से उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ कंसल्टेंट के तौर पर काम किया। उन्होंने डीएमके और एआईएडीएमके दोनों के लिए राजनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाई। वह तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और द्रमुक के चुनाव अभियानों में भी शामिल रही। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों स्टालिन, ममता बनर्जी और आंध्र प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ काम किया। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 22 लाख रुपये बताई गई है।
फर्राटेदार हिंदी के साथ बोल लेती हैं कई भाषाएं
विजय की नई मंत्री कीर्तना तमिल, तेलुगू के साथ ही फर्राटेदार हिंदी और अंग्रेजी समेत कई और भाषाएं भी बोल सकती हैं। भाषाएं सीखने की वजह से उन्हें अलग-अलग राज्यों में काम करने का मौका मिला। यही अनुभव बाद में उनके राजनीतिक सफर में भी काम आया।
हिंदी बोलने पर मचा था विवाद?
इससे पहले कीर्तना राष्ट्रीय स्तर पर तब ज्यादा चर्चा में आईं जब चुनाव जीतने के बाद उन्होंने मीडिया से हिंदी में बातचीत की। दरअसल, तमिलनाडु की राजनीति में भाषा हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रही है। राज्य में हिंदी विरोधी आंदोलनों का लंबा इतिहास रहा है और द्रविड़ राजनीति ने क्षेत्रीय भाषाई पहचान को हमेशा प्रमुखता दी है। ऐसे माहौल में एक नई तमिल नेता का सार्वजनिक रूप से हिंदी बोलना सोशल मीडिया पर बहस का कारण बन गया।
