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क्या है 'नोबेल शांति पुरस्कार' का '50 साल का गोपनीयता नियम?', कैसे होता है चयन, दौड़ में ट्रंप सहित ये 'अहम नाम'

नोबेल शांति पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार है यह 10 दिसंबर 2025 को प्रदान किया जाएगा, 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कई लोगों को नामांकित किया गया है इसमें '50 साल का गोपनीयता नियम?' भी है जानें क्या है यह...

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नोबेल शांति पुरस्कार (फोटो: टाइम्स नाउ नवभारत)

Nobel Peace Prize 50 year Secrecy Rule: साल 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार अभी तक घोषित नहीं हुआ है, इसकी घोषणा 10 अक्टूबर, 2025 को की जाएगी बता दें कि नोबेल शांति पुरस्कार एक अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार है जिसकी घोषणा नॉर्वे के ओस्लो में नॉर्वेजियन नोबेल समिति द्वारा की जाएगी और यह 10 दिसंबर 2025 को प्रदान किया जाएगा, नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं के चयन के लिए नॉर्वेजियन नोबेल समिति जिम्मेदार है।

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन कोई भी व्यक्ति प्रस्तुत कर सकता है जो नामांकन के लिए योग्य हो, नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन तभी वैध माना जाता है जब वह किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया जाता है जो कुछ निश्चित मानदंडों को पूरा करता हो।

2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कई लोगों को नामांकित किया गया है, जिनमें शामिल हैं- एलन मस्क, यूरोपीय संसद के एक सदस्य द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनके समर्थन के लिए वहीं प्रोफेसर माज़िन कुमसियेह, फिलिस्तीनी प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय और फिलिस्तीनी जैव विविधता और स्थिरता संस्थान के संस्थापक और निदेशक, इसके अलावा पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, मानवाधिकारों और लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान के लिए वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इज़राइल-ईरान युद्ध विराम में उनकी भूमिका के लिए, इसमें और भी कई अहम नाम शामिल हैं...

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 338 उम्मीदवार नॉमिनेटेड

नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने घोषणा की कि 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 338 उम्मीदवार नामांकित हैं, जिनमें से 244 व्यक्ति हैं और 94 संगठन हैं यह पिछले साल से उल्लेखनीय वृद्धि है वहीं साल 2024 में 286 उम्मीदवार नामांकित थे, रोचक तथ्य यह कि सबसे ज्यादा नामांकन 2016 में हुए थे, जब 376 उम्मीदवार नॉमिनेट हुए थे।

Nobel Peace Prize

नोबेल शांति पुरस्कार

नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं का चयन

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए पात्र उम्मीदवार वे व्यक्ति या संगठन हैं जिन्हें योग्य व्यक्तियों द्वारा नामित किया जाता है, नॉर्वे की नोबेल समिति योग्य उम्मीदवारों के चयन और नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं के चयन के लिए जिम्मेदार है। समिति में स्टॉर्टिंग (नॉर्वेजियन संसद) द्वारा नियुक्त पांच सदस्य होते हैं, नोबेल शांति पुरस्कार ओस्लो, नॉर्वे में दिया जाता है।

कुछ मामलों में उम्मीदवारों के नाम मीडिया में आते हैं, पर...

पुरस्कार प्रदान करने के लिए प्राप्त प्रस्ताव, तथा पुरस्कार प्रदान करने से संबंधित जांच और राय 50 वर्ष बीत जाने तक प्रकट नहीं की जा सकती। नोबेल समिति खुद नामांकित व्यक्तियों के नाम की घोषणा नहीं करती, कुछ मामलों में उम्मीदवारों के नाम मीडिया में आते हैं पर ये अग्रिम अनुमान या तो केवल अटकलें ही होती हैं।

Nobel Peace Prize Fact

Nobel Peace Prize Fact

नोबेल शांति पुरस्कार नामांकन '50 साल की गोपनीयता' के नियम के अधीन

नोबेल शांति पुरस्कार के नामांकन और चयन से जुड़ी जानकारी 50 साल बाद सार्वजनिक की जाती है, नोबेल समिति के नामांकन डेटाबेस में जानकारी पचास साल बाद तक सार्वजनिक नहीं की जाती है। नामांकनकर्ताओं और नामांकित व्यक्तियों के नाम 50 साल तक गुप्त रखे जाते हैं। इसका मतलब है कि किसी विशेष वर्ष के पुरस्कार के लिए नामांकन, जांच और मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी 50 साल बाद ही सार्वजनिक की जाएगी बताते हैं कि यह गोपनीयता नियम नोबेल पुरस्कारों की अखंडता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए है।

50 साल की गोपनीयता की अवधि पूरी होने के बाद...

नोबेल पुरस्कार की वेबसाइट के अनुसार यह सुनिश्चित करता है कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या प्रभाव न पड़े। साथ ही यह उन लोगों को भी सुरक्षा प्रदान करता है जो पुरस्कार के लिए नामांकित हैं, लेकिन चुने नहीं गए हैं। 50 साल की गोपनीयता की अवधि पूरी होने के बाद, इन जानकारियों को सार्वजनिक किया जाता है, जिससे इतिहासकार और रिसर्चर पुरस्कार के चयन की प्रक्रिया का अध्ययन कर सकें।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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