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US-Iran Peace Deal: ईरान-अमेरिका के बीच डील हुई सील, किसे फायदा? 5 बड़ी बातें

इस समझौते में शत्रुता को स्थायी रूप से समाप्त करने का आह्वान किया गया है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू की गई है,

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डील से किसे फायदा?

Photo : AP

US-Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत तेहरान को अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार को कम करना होगा और ईरान पर लगे अमेरिकी समर्थित प्रतिबंधों को हटाना होगा। इसके साथ ही ईरान को तुरंत स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति मिल जाएगी, जो वॉशिंगटन की ओर से एक बड़ी रियायत है। समझौते में शत्रुता को स्थायी रूप से समाप्त करने का आह्वान किया गया है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू की गई है, हालांकि ट्रंप ने हमलों को फिर से शुरू करने का विकल्प खुला रखा है।

ईरान को शुरुआत में कई लाभ मिलेंगे

ऐसा लगता है कि यह ईरान को शुरुआत में कई लाभ मिलेंगे। यह समझौता कई दिनों से गोपनीयता और भ्रम में डूबा हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने सप्ताहांत में ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस द्वारा इस पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए जाने के बावजूद शर्तों का खुलासा करने से इनकार कर दिया था। बुधवार को वर्साय में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ भोजन करते समय ट्रंप ने समझौते की एक प्रति पर हस्ताक्षर किए। वर्साय वह महल है जहां सदियों से कई ऐतिहासिक समझौते हुए हैं, जिनसे युद्धों या क्षेत्रीय विवादों का अंत हुआ है।

व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर समारोह आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान से मिली विरोधाभासी जानकारियों के कारण अब इसका भविष्य अनिश्चित है। फ्रांस में ग्रुप ऑफ सेवन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद वर्साय में भोजन समाप्त करते हुए ट्रंप ने कहा, "इस पर हस्ताक्षर हो गए हैं।" बहरहाल समझते हैं कि इस डील से किसे क्या मिला है।

1-ईरान की आर्थिक वापसी

सबसे बड़ा फायदा ईरान को मिला है। ईरान पर लगे अमेरिकी समर्थित प्रतिबंधों को हटाना होगा। इसके साथ ही ईरान को तुरंत स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति मिल जाएगी। तेल निर्यात पर लगी रोक में बड़ी ढील मिली है। ईरान सालाना 60 अरब डॉलर से ज्यादा तेल राजस्व कमा सकता है। विदेशों में फंसी अरबों डॉलर की संपत्तियों तक पहुंच का रास्ता खुल सकता है।

2-ट्रंप को क्या मिला?

ट्रंप ने युद्ध तो रोका, लेकिन उन्हें ईरान का सरेंडर नहीं मिला। ईरान ने अमेरिका को अपनी ताकत दिखा दी। ट्रंप ने पहले बिना शर्त सरेंडर की मांग की थी। अंतिम समझौते में ईरान का तत्काल परमाणु आत्मसमर्पण शामिल नहीं है। परमाणु मुद्दा भविष्य की वार्ता के लिए छोड़ा गया है। यही इस समझौते का सबसे बड़ा पेंच भी है।

3. होर्मुज संकट टला

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने का वादा किया। हालांकि शुरुआती 60 दिन के लिए आवाजाही मुफ्त होगी, इसके बाद जहाजों को शुल्क देना होगा। भले ही ईरान बाद में शुल्क वूसलेगा, लेकिन एक तरह से दुनिया के लगभग 20% तेल व्यापार का रास्ता सुरक्षित हुआ है। वैश्विक ऊर्जा संकट और तेल कीमतों में बड़े उछाल का खतरा कम हुआ।

4. परमाणु विवाद खत्म नहीं, सिर्फ टला

ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने का आश्वासन दिया है। लेकिन उसके मौजूदा परमाणु ढांचे, सेंट्रीफ्यूज और संवर्धित यूरेनियम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ। अगले 60 दिन की बातचीत सबसे अहम होगी। अगर ईरान इस मामले पर अड़ा तो तनातनी दोबारा बढ़ सकती है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अगर ईरान ने जिद नहीं छोड़ी तो वह दोबारा बम बरसा सकते हैं।

5. मध्य पूर्व की ताकत का संतुलन बदलेगा

आर्थिक राहत मिलने से ईरान फिर मजबूत हो सकता है। इससे इजराइल और खाड़ी देशों में चिंता बढ़ना स्वभाविक है। आलोचकों का दावा है कि प्रतिबंधों में ढील से तेहरान को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है। वह पहले से कहीं अधिक खतरनाक और ताकतवर बन जाएगा। अमेरिकी-इजराइल के व्यापक हमलों के बाद भी जिस तरह ईरान ने खाड़ी देशों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है, वो उसकी ताकत को बयां करते हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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