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महाराष्ट्र में होने वाला है खेला? पहले सीएम फडणवीस से मिले उद्धव, अब पीएम मोदी से मिले शरद पवार; समझिए मायने

Kya Maharashtra Mein Khela Hoga: महाराष्ट्र की सियासत में कब क्या होने वाला है? इसकी भविष्यवाणी कर पाना बड़े-बड़े दिग्गजों के वश की बात नहीं है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उद्धव ठाकरे और शरद पवार की भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। क्या महाराष्ट्र में कोई बड़ा खेला होने वाला है?

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क्या महाराष्ट्र में होने वाला है खेला?

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में आखिर ऐसी कौन सी खिचड़ी पक रही है कि महाविकास अघाडी के घटक दल शिवसेना (यूटीबी) और एनसीपी (एसपी) के दिग्गज इन दिनों भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं? क्या सूबे की सियासत में एक बार फिर कुछ बड़ा होने वाला है? पहले उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। अब शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सवाल तो उठेगा ही उठेगा।

ये मुलाकात संयोग है या कोई सियासी प्रयोग?

महाराष्ट्र में क्या बड़ा खेला होने वाला है? पहले उद्धव ठाकरे ने सीएम फडणवीस से मुलाकात की और अब शरद पवार ने पीएम मोदी से मुलाकात की। ये संयोग तो नहीं हो सकता कि एक के बाद एक दो बड़े राजनीतिक दलों के मुखिया भाजपा नेताओं से मिल रहे हैं। तो क्या ये कोई सियासी प्रयोग है? फिलहाल तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है, यहां सबकुछ वेट एंड वॉच का खेल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महा विकास आघाडी (एमवीए) की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत ‘महायुति’ से हार के कुछ सप्ताह बाद हुई। पवार ने पश्चिमी महाराष्ट्र के फलटण के दो किसानों के साथ संसद में स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में उनसे मुलाकात की और उन्हें किसानों के खेत से लाये गये अनार की एक पेटी भेंट की। पवार ने हाल में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में फरवरी में आयोजित होने वाले 98 वें मराठी साहित्य सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया था। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद पवार ने कहा, ‘‘मैंने साहित्य सम्मेलन के विषय पर बात नहीं की।’’

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शरद पवार ने किसानों के एक समूह के साथ बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इसमें राकांपा (एसपी) प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को अनार भेंट करने की तस्वीरें भी पोस्ट की गईं। पिछले माह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, राकांपा (एसपी), शिवसेना (यूटीबी) वाले गठबंधन एमवीए को भाजपा, शिवसेना, राकांपा वाले गठबंधन महायुति से करारी हार मिली थी।

उद्धव ने फडणवीस और नार्वेकर से मुलाकात की

शिवसेना (यूटीबी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को महाराष्ट्र के नागपुर में विधान भवन परिसर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मुलाकात की। आदित्य ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने और उनके पिता ने फडणवीस और नार्वेकर को शुभकामनाएं दीं। पूर्व मंत्री ने कहा, ‘‘हमने राजनीतिक परिपक्वता दिखाने की दिशा में कदम बढ़ाने और महाराष्ट्र के लोगों के हित में मिलकर काम करने के बारे में बात की।’’ आदित्य ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। फडणवीस के साथ इस मुलाकात के दौरान उद्धव के साथ शिवसेना (यूटीबी) के अनिल परब और वरुण सरदेसाई भी मौजूद रहे। यह मुलाकात फडणवीस के कक्ष में हुई। राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र इस समय नागपुर में चल रहा है।

शिंदे ने फडणवीस-उद्धव की मुलाकात पर दी प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूटीबी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मुलाकात को बुधवार को “स्वागत योग्य बदलाव” करार दिया। उद्धव और उनके विधायक बेटे आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को नागपुर में विधान भवन परिसर में फडणवीस और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मुलाकात की थी। महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के बीच नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत में शिंदे ने कहा कि जो लोग लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद ‘सातवें आसमान पर’ थे और विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में लौटने पर ‘हमें जेल भेजने की योजना’ बना रहे थे, वे अब मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह एक स्वागत योग्य बदलाव है। मुख्यमंत्री राज्य के नेता हैं और कोई भी उनसे मिल सकता है।” शिंदे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति सरकार को “ईवीएम सरकार” कहने के लिए विपक्ष की आलोचना की।

कैसे रहे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे?

महाराष्ट्र की 15वीं विधानसभा विपक्ष के नेता के बिना है, क्योंकि महा विकास आघाडी (एमवीए) के तीनों घटक दलों में से कोई भी 20 नवंबर को हुए चुनावों में 10 प्रतिशत सीटें नहीं जीत सका था। महाराष्ट्र में 288-सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में महायुति गठबंधन ने 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। महायुति गठबंधन में पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल हैं। विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) सिर्फ 46 सीट ही जीत सका। एमवीए में कांग्रेस, राकांपा (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (यूटीबी) शामिल हैं। भाजपा को 132 सीट मिलीं, जबकि शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीट हासिल हुईं। एमवीए में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवारों ने 10 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस को 16 और शिवसेना (यूटीबी) को 20 सीट मिलीं।

महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की भारी जीत के बाद राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद किसी को नहीं मिल सकेगा, क्योंकि सत्तारूढ़ गठबंधन के बाहर कोई भी दल इसके लिए अनिवार्य 29 सीट हासिल नहीं कर सका। वर्ष 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद साझा करने के मुद्दे को लेकर लंबे समय से सहयोगी रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ संबंध तोड़ लिए थे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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