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भारतीय सेना को मिला नया फौलाद, सिक्किम में VMIMS तैनात, इसकी ताकत देख बढ़ जाएगी चीन टेंशन

VMIMS एक प्रभावी मोर्टार सिस्टम है जिससे युद्ध के मैदान पर बेहतर गतिशीलता, सटीकता, गति और उच्च मारक क्षमता मिलती है। यह दुनिया की सबसे हल्की, पूरी तरह से डिजिटल, स्वचालित मोर्टार प्रणाली है...

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व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम (Photo: Indian Army)

Indian Army Deploys VMIMS: सिक्किम में व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम (VMIMS) की तैनाती के साथ ही भारतीय सेना को एक नया फौलाद मिला है। इससे सीमा पर सेना की ताकत में भारी इजाफा हुआ है और दुश्मन के किसी भी दुस्साहस तो मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है।

इसकी ताकत और खासियतें ऐसी हैं कि पड़ोसी देश चीन की निश्चित तौर पर टेंशन बढ़ेगी। भारतीय सेना को सीमा पर नया फौलाद मिलने से सुरक्षा तो मजबूत हुई ही है, आत्मनिर्भरता की तरफ भी भारत ने मजबूत कदम बढ़ाया है। इस खास आर्मी व्हीकल मोर्टार सिस्टम को 26 जनवरी 2024 में राजपथ पर परेड के दौरान प्रदर्शित किया गया था।

इसे लेकर त्रिशक्तिकॉर्प्स, भारतीय सेना ने ट्वीट किया, भारतीय सेना ने सिक्किम में व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम (VMIMS) तैनात किया है। यह आत्मनिर्भर प्रणाली गतिशीलता, तुरंत जवाबी कार्रवाई और मारक क्षमता को बढ़ाएगी, जिससे भारत की आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी।

क्या हैं VMIMS खासियतें

VMIMS एक प्रभावी मोर्टार सिस्टम है जिससे युद्ध के मैदान पर बेहतर गतिशीलता, सटीकता, गति और उच्च मारक क्षमता मिलती है। यह दुनिया की सबसे हल्की, पूरी तरह से डिजिटल, स्वचालित मोर्टार प्रणाली है, जिसे शूट और स्कूट लड़ाकू अभियानों के लिए ही डिजाइन किया गया है।

इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह दुश्मन की काउंटर-बैटरी फायर के प्रभावी होने से पहले, दो मिनट से भी कम समय में आठ राउंड सटीक फायर करने की क्षमता रखती है। स्वचालित टारगेटिंग और पुनः टारगेटिंग टास्क के साथ VMIMS 81/120 मिमी मोर्टार क्षमता प्रदान करता है। यानि इसमें 81 mm की तोप लगी होती है। यह तोप एक खास व्हीकल पर लगी होती है और इस व्हीकल को आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल (ALSV) कहते हैं। भारत में इसे 'आर्मडो' के नाम से जाना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस व्हीकल से तोपखाने को आसानी से और जल्दी एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सकता है। इससे दुश्मन पर बढ़त बनाने में मदद मिलती है।

यह सिस्टम यूजर फ्रेंडली है और इसे कम से कम दो टन पेलोड वाले लगभग किसी भी 4x4 वाहन पर आसानी से एकीकृत किया जा सकता है। यह रेगिस्तान, कीचड़, बर्फ और जंगलों सहित सभी प्रकार के इलाकों में काम कर सकता है। अपने हल्के वजन के डिजाइन के कारण यह हेलीबोर्न-सक्षम है। इसका मजबूत डिजाइन और लचीली तकनीक इसे एक टिकाऊ और मजबूत हथियार बनाती है जो युद्ध की मुश्किलों का सामना करने और असरदार साबित होने में पूरी तरह सक्षम है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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