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केजरीवाल के लिए लामबंद हो रहा पूरा विपक्ष, अब ममता भी पहुंचीं Delhi CM के घर, बस राहुल की 'हां' का इंतजार

Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाल के समर्थन में 30 जुलाई को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी शामिल होंगे या नहीं? इसको लेकर कोई कंफर्मेशन अभी नहीं है। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर असमंजस में हैं। हालांकि, कुछ कांग्रेस नेता इस प्रदर्शन में जरूर दिख सकते हैं।

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अरविंद केजरीवाल-राहुल गांधी

Arvind Kejriwal: दिल्ली शराब घोटाले में जेल में बंद अरविंद केजरीवाल का मुद्दा अब सिर्फ आम आदमी पार्टी तक सीमित न रहकर इंडिया गठबंधन के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। शायद यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल के समर्थन में पूरा इंडिया गठबंधन लामबंद होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी की ओर से 30 जुलाई को केजरीवाल के समर्थन में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। इस प्रदर्शन में अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव मौजूद रह सकते हैं। वहीं अब टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी केजरीवाल के घर पहुंचकर स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।

बता दें, ममता बनर्जी आज दिल्ली में हैं। उन्होंने दिल्ली सीएम के घर पहुंचकर उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल से मुलाकात की। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि 30 जुलाई को हो रहे विरोध प्रदर्शन में ममता बनर्जी भी मौजूद रह सकती हैं। बता दें, केजरीवाल की रिहाई के लिए आम आदमी पार्टी कानूनी और राजनीतिक दोनों तरह की लड़ाई लड़ रही है।

असमंजस में राहुल गांधी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की तरफ से होने वाले विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता भी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी का भी साथ आम आदमी पार्टी को मिल गया है। हालांकि, सभी की नजरें राहुल गांधी पर हैं। सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी शामिल होंगे या नहीं? इसको लेकर कोई कंफर्मेशन अभी नहीं है। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर असमंजस में हैं। हालांकि, कुछ कांग्रेस नेता इस प्रदर्शन में जरूर दिख सकते हैं।

राहुल गांधी को क्यों हो रही दुविधा?

राहुल गांधी इंडिया गठबंधन का प्रमुख चेहरा होने के साथ-साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। ऐसे में विपक्षी पार्टी के एक नेता (अरविंद केजरीवाल) के समर्थन में होने वाली रैली में उनका शामिल होना सत्तापक्ष पर बड़ा दबाव डाला सकता है। हालांकि, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच दूरियों की वजह से राहुल गांधी इस मुद्दे से दूरी बनाते दिख रहे हैं। बता दें, ऐसा ही लोकसभा चुनाव के दौरान भी देखा गया था।

बार-बार बढ़ रही केजरीवाल की न्यायिक हिरासत

बता दें, दिल्ली शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल लंबे समय से जेल में हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी। हालांकि, उन्हें बाद में सरेंडर करना पड़ा था। अब ईडी के साथ-साथ सीबाई ने भी उनके खिलाफ केज दर्ज किया है। ईडी केस में राहुल एवेन्यु कोर्ट ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 31 जुलाई तक बढ़ा दी है, तो सीबीआई केस में उनकी न्यायिक हिरासत 8 अगस्त तक बढ़ाई गई है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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