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बिहार में फिर होगा खेला? नीतीश कुमार से क्यों अदावत मोल ले रहे हैं मोदी के मंत्री; समझिए मांझी के बयान के मायने

Bihar Politics: क्या इस बार जीतनराम मांझी ने खेला करने का मन बनाया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में ये नारा खूब गूंजा था, 'नीतीश की खैर नही-मोदी से कोई बैर नहीं...' उस वक्त भी नीतीश और बीजेपी साथ थे और अब भी साथ हैं, तो मोदी सरकार के मंत्री जीतन राम मांझी ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई है। आपको इसके मायने समझाते हैं।

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नीतीश कुमार और जीतनराम मांझी।

Manjhi vs Nitish: राजनीति की एक बात तो हर कोई जानता है, यहां कोई किसी का सगा नहीं होता है और सगे से भी सगा क्यों न हो, वक्त आने पर ज्यादातर नेताओं ने अपनों को भी ठगा होता है। बात जब बिहार के सियासत की हो रही हो, तो भला यहां तो सरकार, मुख्यमंत्री, बड़े से बड़े और छोटे से छोटे नेता पल भर में गिरगिट की तरह रंग बदल लेते हैं। शायद यही वजह है कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जो जीतनराम मांझी ये खुलकर कहते थे कि वो नीतीश के साथ ही रहेंगे। वही मांझी अब सीएम नीतीश को कोस रहे हैं, आखिर इसकी वजह क्या हो सकती है?

नीतीश से क्यों अदावत मोल ले रहे हैं मांझी?

बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इसके लिए तमाम सियासी पार्टियां अपने हिसाब से जोड़-तोड़ कर रही हैं। भले ही नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ रहने का ऐलान किया, लेकिन उनके बारे में ये हर कोई जानता है कि वो कब पलटी मारेंगे इसके बारे में कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता। आगामी बिहार चुनाव के लिए हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के मुखिया और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की चाहत होगी कि उनकी पार्टी को अधिक से अधिक सीटें मिले। यही वजह है कि वो नीतीश पर अभी से दबाव बना रहे हैं और पीएम मोदी की तारीफ कर रहे हैं।

Nitish Kumar

नीतीश कुमार।

क्या बिहार में होने वाला कोई नया खेला?

मांझी इस वक्त केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं और एनडीए गठबंधन में उनकी पार्टी हम और जदयू एक दूसरे के सहयोगी हैं। लेकिन जीतनराम मांझी ने जो बयान दिया उससे ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या बिहार में अब कोई नया खेला होगा? खेला इसलिए क्योंकि अगले ही साल विधानसभा चुनाव होने हैं। नीतीश पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि कहीं वो चुनाव से पहले फिर तो पलटी नहीं मारने वाले हैं। हालांकि अब तक ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन मांझी ने जो बयान दिया, उसके बाद ये जरूर कहा जा सकता है कि नीतीश को ये पसंद नहीं आया होगा।

नीतीश कुमार के लिए मांझी की क्या नाराजगी?

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बीते शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। कुमार के साथ मांझी की कभी नजदीकी, तो कभी दूरी रही है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख मांझी अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के दबाव के विरोध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से नाता तोड़ते हुए 2015 में अपनी पार्टी ‘हम’ बनाई थी। मुख्यमंत्री पद पर कुमार की वापसी के लिए मांझी पर इस पद से हटने के लिए कथित तौर पर दबाव डाला गया था।

Jitan Ram Manjhi vs Nitish Kumar

जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना

अब क्यों छलक रहा है मांझी का दर्द?

सवाल ये है कि अभी जब सबकुछ सही चल रहा है, सारी गाड़ियां पटरी पर दौड़ रही हैं तो जीतनराम मांझी का दर्द क्यों छलक रहा है। गया से सांसद मांझी ने कहा, 'जब मैंने पार्टी बनाई थी, तब नीतीश कुमार ने मेरा मजाक उड़ाया था। उनका सोचना था कि मैं संगठन नहीं चला पाऊंगा क्योंकि मेरे पास वित्तीय सहारा नहीं था। वर्षों बाद, ऐसा प्रतीत होता है कि हम और अधिक मजबूत होते जा रहे हैं।' मांझी ने 2020 में कुछ समय के लिए कुमार से हाथ मिलाया था और उनके बेटे संतोष सुमन को नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में मंत्री पद मिला था। मांझी ने पिछले साल हुए प्रकरण को भी याद किया जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा विरोधी दलों को एकजुट करने में जुटे थे। इसी के फलस्वरूप ‘इंडिया’ गठबंधन बना था।

मांझी ने नीतीश पर कर दिया ये बड़ा दावा

जीतनराम मांझी ने याद किया, 'मुझे नीतीश कुमार ने मेरी पार्टी का जदयू में विलय कर लेने या अलग हो जाने को कहा था।' खुद मांझी ने भी जदयू प्रमुख कुमार की तरह भाजपा नीत राजग छोड़ दिया था और बाद में फिर राजग के साथ हो गए थे। इसके फलस्वरूप संतोष सुमन मंत्रिपद बरकरार रख पाए थे। हम प्रमुख मांझी ने कहा, 'हमारी पार्टी का एक भी कार्यकर्ता विलय के पक्ष में नहीं था। हमने सभी से संपर्क करने के बाद अलग होने का निर्णय लिया।' तब सुमन ने विलय के दबाव के विरोध में राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। मांझी ने उनके बेटे की मंत्रिपरिषद में वापसी का समर्थन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाले राजग को भी धन्यवाद दिया।

Nitish Kumar

नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार।

बीते कुछ सालों से बिहार में कई बार सरकार बदली, गठबंधन बदला, लेकिन मुख्यमंत्री एक ही है। नीतीश कुमार कब क्या करने वाले हैं, इसकी भविष्यवाणी बड़े से बड़े दिग्गज नहीं कर सकते हैं। अब देखना होगा कि मांझी के इस बयान का नीतीश कुमार पर क्या असर पड़ता है। ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हा author

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रक... और देखें

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