Bihar Caste Census: बिहार में जातिगत जनगणना का दूसरा चरण 15 अप्रैल से शुरू हो चुका है। इस संबंध में जातियों के लिए कोड भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा बिहार में मुस्लिमों की अग्रणी जाति मुगल को लेकर है। दरसअल, दूसरे चरण की जनगणना की सूची से मुगल जाति गायब है। ऐसा तब हुआ है, जब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की 12वीं की किताबों से मुगल इतिहास गायब हो चुका है। ऐसे में मुगल इतिहास और इस जाति को लेकर चर्चा लाजमी है।
मुगल जाति को जातीय गणना की सूची में न शामिल किए जाने से लोगों में आक्रोश है। इस संबंध में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र भी लिखा गया है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि मुगल जाति की बिहार में आबादी कितनी है? सूची में जाति के न शामिल होने के पीछे राजनीति क्या है और सरकार ने जातीय जनगणना की सूची में मुगल नाम को शामिल क्यों नहीं किया?
