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उधर संजय सिंह पहुंचे एसीबी के दफ्तर, इधर केजरीवाल के घर से वापस गई ACB; चुनावी नतीजे से ठीक पहले दिल्ली में 'राजनीतिक ड्रामा'

BJP vs AAP in Delhi: क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की छुट्टी हो जाएगी या आप की झाड़ू के सामन भाजपा के सपने साफ हो जाएंगे। जवाब के लिए कुछ घंटों का इंतजार करना होगा। मगर इसी बीच दिल्ली में नया सियासी ड्रामा शुरू हो गया है। एक तरफ केजरीवाल के घर एसीबी पहुंची, वहीं दूसरी ओर संजय सिंह खुद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दफ्तर पहुंच गए।

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दिल्ली की सियासत में शुरू हुआ नया दंगल।

Delhi Politics: क्या दिल्ली में नया सियासी दंगल शुरू हो चुका है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि चुनावी नतीजों से ठीक एक दिन पर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच ब्लेम गेम शुरू हो गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से एक दिन पहले AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रत्याशियों के खरीदने के दावे के बाद अब मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एंट्री हो गई। 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर शुक्रवार को एसीबी की टीम पहुंची है। इधर एसीबी ने केजरीवाल के घर दस्तक दी, उधर संजय सिंह इस मामले की शिकायत लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दफ्तर पहुंच गए।

केजरीवाल के घर से वापस लौटी एसीबी की टीम

हालांकि ताजा अपडेट के अनुसार एसीबी के अधिकारी आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास से वापस चले गए हैं, अधिकारियों ने मीडिया के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया।

भाजपा पर राजनीतिक ड्रामा रचने का आरोप

आप लीगल सेल के अध्यक्ष संजीव नसियार कहते हैं, 'यह बहुत ही आश्चर्यजनक है। पिछले आधे घंटे से यहां बैठी एसीबी टीम के पास कोई कागजात या निर्देश नहीं हैं। वे लगातार किसी से फोन पर बात कर रहे हैं। जब हमने जांच के लिए नोटिस या प्राधिकरण मांगा, तो उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ भी नहीं है... संजय सिंह पहले से ही शिकायत दर्ज कराने के लिए एसीबी कार्यालय में हैं, वे किसके निर्देश पर यहां बैठे हैं? यह राजनीतिक ड्रामा रचने की भाजपा की साजिश है और जल्द ही इसका पर्दाफाश हो जाएगा... जब तक उनके पास कानूनी नोटिस नहीं होगा, तब तक किसी को भी आवास के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'

शिकायत करने संजय सिंह पहुंचे एसीबी के दफ्तर

आप सांसद संजय सिंह कहते हैं, 'मैं अपने वकील के साथ शिकायत दर्ज कराने यहां आया हूं। भाजपा खरीद-फरोख्त में लिप्त है और उन्होंने हमारे विधायकों और मंत्रियों को 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश की है। मैं भाजपा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए एसीबी कार्यालय में आया हूं।'

केजरीवाल का दावा- आप की आ रही हैं 55 सीटें

बताया जा रहा है कि एसीबी की तीन सदस्यीय टीम केजरीवाल के घर पर मौजूद है और वह उनसे 15 करोड़ के दावे को लेकर पूछताछ करेगी। दरअसल, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को आरोप लगाया था क‍ि उनके 16 उम्मीदवारों को अन्य पार्टी में शामिल होने के लिए फोन आया है और प्रत्येक को 15-15 करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया गया है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'कुछ एजेंसि‍यां दिखा रही हैं कि एक पार्टी की 55 से ज्यादा सीटें आ रही हैं। पिछले दो घंटे में हमारे 16 उम्मीदवारों के पास फोन आ गए हैं कि 'आप' छोड़कर उनकी पार्टी में आ जाओ, मंत्री बना देंगे और हरेक को 15-15 करोड़ देंगे। अगर इनकी पार्टी की 55 से ज्यादा सीटें आ रहीं हैं तो हमारे उम्मीदवारों को फोन करने की क्या जरूरत है?'

मुकेश अहलावत ने कहा- मैं मर जाऊंगा, कट जाऊंगा...

इसके अलावा आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मुकेश अहलावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, 'मैं मर जाऊंगा, कट जाऊंगा, लेकिन कभी अरविंद केजरीवाल का साथ नहीं छोडूंगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में एक मोबाइल नंबर भी शेयर किया और कहा कि मुझे इस नंबर से फोन आया। उसने बोला कि उनकी सरकार बन रही है, मंत्री बना देंगे और 15 करोड़ रुपए भी देंगे। 'आप' छोड़ के आ जाओ। मैं इनको कहना चाहता हूं कि केजरीवाल ने और 'आप' पार्टी ने मुझे इज्‍जत दी है, मैं मरते दम तक अपनी पार्टी को नहीं छोड़ूंगा।' मुकेश अहलावत की पोस्ट को दिल्ली की सीएम आतिशी ने रिपोस्ट करते हुए कहा, 'अगर एक पार्टी की 50 से अधिक सीटें आ रही हैं, तो यह हमारे प्रत्याशियों को संपर्क करके तोड़ने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? यह दिखा रहा है कि एग्जिट पोल आम आदमी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की एक साजिश है।'

उपराज्यपाल ने खरीद-फरोख्त के आरोपों की जांच के आदेश दिए

दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के उन आरोपों की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) से जांच कराने के आदेश दिए जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उसके उम्मीदवारों को प्रलोभन देकर अपने पाले में करने का आरोप लगाया गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जांच का यह आदेश दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना से एक दिन पहले आया है। दिल्ली में पांच फरवरी को विधानसभा चुनाव हुआ था। उपराज्यपाल कार्यालय ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा, 'आप यह आरोप लगा रही है कि भाजपा उसके विधायकों को पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के लिए रिश्वत की पेशकश कर रही है। उपराज्यपाल ने निर्देश दिया है कि इस मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए एसीबी के माध्यम से गहन जांच की जानी चाहिए।'

मुख्य सचिव को यह निर्देश भाजपा की दिल्ली इकाई के महासचिव विष्णु मित्तल द्वारा उपराज्यपाल कार्यालय को दिए गए ज्ञापन के बाद दिया गया। मित्तल ने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में कहा, 'अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोप बहुत गंभीर हैं और इनकी तत्काल जांच की आवश्यकता है। हालांकि, उन्होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई सबूत या साक्ष्य जैसे कि फोन कॉल या इसमें शामिल व्यक्तियों का विवरण प्रस्तुत नहीं किया है।' उन्होंने कहा, 'मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप एसीबी या किसी अन्य जांच एजेंसी को प्राथमिकी दर्ज करने और सात मौजूदा आप विधायकों को 15-15 करोड़ रुपये की कथित पेशकश के संबंध में विस्तृत जांच करने का निर्देश दें।'

दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान हुआ था और शनिवार को मतों की गिनती होगी। नतीजे यह निर्धारित करेंगे कि आप लगातार तीसरी बार सत्ता में आती है या राष्ट्रीय राजधानी पर शासन करने का भाजपा का 27 साल का इंतजार खत्म होता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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