उर्फी जावेद कभी नहीं करेंगी मुस्लिम लड़के से शादी, बोलीं- 'मैं इस्लाम में विश्वास नहीं करती'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 17, 2022, 10:57 PM IST

Uorfi Javed shocking statement: अपनी शादी के बारे में पूछे जाने पर उर्फी ने कहा, 'मैं कभी किसी मुस्लिम लड़के से शादी नहीं करूंगी। मैं इस्लाम में विश्वास नहीं करती और मैं किसी भी धर्म का पालन नहीं करती।'

उर्फी जावेद कभी नहीं करेंगी मुस्लिम लड़के से शादी, बोलीं- 'मैं इस्लाम में विश्वास नहीं करती'

Uorfi Javed not believe in Islam: उर्फी जावेद अपनी फैशन चॉइस के कारण हमेशा चर्चा में रहती हैं। हालांकि इस वजह से बिग बॉस ओटीटी स्टार उर्फी जावेद को हमेशा सोशल मीडिया पर बहुत सारे नफरत भरे संदेश मिलते रहते हैं, लोग उनके फैशन की आलोचना करते हैं और यहां तक कि उनके धर्म को भी सामने लाते हैं। हालांकि, पिछले साल दिसंबर में चीजें चरम सीमा पर पहुंच गई थीं।

पारंपरिक मुस्लिम परिवार से आने वालीं उर्फी ने शादी के बारे में अपने विचारों से लेकर बात की थी। तब अभिनेत्री ने आगे दावा किया था कि वह कभी किसी मुस्लिम व्यक्ति से शादी नहीं करेंगी। एक्ट्रेस यह भी कहा था कि क्योंकि इंडस्ट्री में उनका कोई गॉडफादर नहीं है, इसलिए समाज ने उनके साहसिक कदमों को अस्वीकार कर दिया।

एक इंटरव्यू में, उर्फी जावेद ने कहा था, 'मैं एक मुस्लिम लड़की हूं। मुझे प्राप्त होने वाले अधिकांश अभद्र कमेंट्स मुस्लिम लोगों के हैं। उनका कहना है कि मैं इस्लाम की छवि खराब कर रही हूं। वे मुझसे नफरत करते हैं क्योंकि मुस्लिम पुरुष चाहते हैं कि उनकी महिलाएं एक निश्चित तरीके से व्यवहार करें। वे समुदाय की सभी महिलाओं को नियंत्रित करना चाहते हैं। मैं इस वजह से इस्लाम को नहीं मानती। उनके मुझे ट्रोल करने का कारण यह है कि मैं उस तरह का व्यवहार नहीं करती, जैसा वे मुझसे अपने धर्म के अनुसार उम्मीद करते हैं।'

Urfi Javed crosses limit again, steps out in a BIZARRE see-through dress:  PHOTOS | News | Zee News

अपनी शादी के बारे में पूछे जाने पर उर्फी ने कहा, 'मैं कभी किसी मुस्लिम लड़के से शादी नहीं करूंगी। मैं इस्लाम में विश्वास नहीं करती और मैं किसी भी धर्म का पालन नहीं करती, इसलिए मुझे परवाह नहीं है कि मैं किससे प्यार करती हूं। हम जिससे चाहें शादी कर लें।'

उर्फी के अनुसार, धर्म को किसी पर थोपा नहीं जाना चाहिए और हर किसी को अपना धर्म चुनने में सक्षम होना चाहिए। 'मेरे पिता एक बहुत ही रूढ़िवादी व्यक्ति थे। जब मैं 17 साल की थी तब वो मुझे और मेरे भाई-बहनों को हमारी मां के पास छोड़ गए थे। मेरी मां बहुत धार्मिक महिला हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी हम पर अपना धर्म नहीं थोपा। मेरे भाई-बहन इस्लाम का पालन करते हैं और मैं नहीं करती, लेकिन वे इसे मुझ पर कभी नहीं थोपते। ऐसा ही होना चाहिए। आप अपनी पत्नी और बच्चों पर अपना धर्म थोप नहीं सकते। यह दिल से आना चाहिए, नहीं तो ना ही आप और ना ही अल्लाह इससे खुश होंगे।'

End of Article