Bigg Boss 15 Ott: करियर तबाह करना चाहता था अक्षरा सिंह का एक्स बॉयफ्रेंड, एसिड की बोतल के साथ भेजे थे लड़के

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 12, 2021, 07:30 AM IST

Bigg Boss 15 Ott Akshara Singh: बिग बॉस 15 ओटीटी कंटेस्टेंट अक्षरा सिंह ने एक्स बॉयफ्रेंड, डिप्रेशन और जिंदगी के सबसे बुरे दौर पर कई खुलासे किए। जानिए क्या कहा अक्षरा सिंह ने...

Bigg Boss 15 Ott: करियर तबाह करना चाहता था अक्षरा सिंह का एक्स बॉयफ्रेंड, एसिड की बोतल के साथ भेजे थे लड़के

मुंबई. बिग बॉस 15 ओटीटी से बाहर आने के बाद भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने कई खुलासे किए हैं। अक्षरा सिंह ने बताया कि उनके एक्स बॉयफ्रेंड ने उनका करियर तबाह करने की कोशिश की। यही नहीं, अक्षरा के एक्स बॉयफ्रेंड ने कुछ लड़कों को एसिड की बोतल के साथ उनके पास भेजा था।  

ई टाइम्स से बातचीत में अक्षरा सिंह ने कहा, 'मुझे बहुत सारी धमकियां मिल रही थी कि वह मुझे मार देगा या मेरा करियर तबाह कर देगा। मुझे मौत का डर नहीं। मैंने जिंदगी में इतनी सारी चीजों का सामना किया है कि मौत का खौफ खत्म हो गया था। मुझे लगा क्या करोगे, मारोगे ही न, चलो मार लो। मेरे एक्स ने कुछ लड़कों को भेजा था, जिनके हाथ में एसिड की बोतल थी। उसने मेरा करियर खत्म करने की भी पूरी कोशिश की।'

हो गया था डिप्रेशन
अक्षरा सिंह इसी इंटरव्यू में आगे कहती हैं, 'जब चीजें हाथ से निकल गई और परिस्थिति बेहद खराब हो गई थी और मैं डिप्रेशन में चली गई थीं। वह इतना बुरा दौर था कि मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकती थी। मेरे पिता ने उस वक्त कहा कि पिता होने के नाते मैं तुमसे कह रहा हूं कि तुम ऐसे ही अपनी लाइफ को जीने वाली हो, अगर हां तो प्लीज अपनी जिंदगी खत्म कर दो। अगर ऐसा नहीं करना चाहती तो इससे बाहर निकलने का रास्ता ढूंढों।' 

पेरेंट्स से मिला साथ
अक्षरा सिंह आगे कहती हैं, 'मेरे पिता ने कहा कि अगर तुम अपनी जिंदगी खत्म करोगी तो मुझे खेद नहीं होगा कि मैंने तुम्हे रोका नहीं। अगर तुम जिंदा रहना चाहती हो तो पीछे मुड़कर मत देखा। लड़ाई करो मैं तुम्हारे साथ हूं। इन शब्दों ने मुझे इतनी ताकत दी कि मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।'

बिग बॉस 15 ओटीटी की कंटेस्टेंट आगे कहती हैं, 'मैं बेहद खराब जिंदगी जी रही थीं, मेरे परिवार का भी यही हाल था। मुझे पता था कि उन्हें बहुत बुरा लग रहा है पर मुझे एहसास नहीं होने दे रहे थे। वह मेरे साथ खड़े रहे थे। मेरे पिता ने उस वक्त जो कहा था वह आज भी मेरा मोटिवेशन है।'  

End of Article