Match Fixing Review: 26/11 आतंकवादी हमले की छिपी सच्चाई उजागर करती है फिल्म, देखकर नहीं होगा पछतावा

Match Fixing Review​ in Hindi: विनीत कुमार सिंह स्टारर फिल्म मैच फिक्सिंग, आज 10 जनवरी 2025 को बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म को 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले को लेकर बनाया गया है। मेकर्स ने इस हमले की एक नई सच्चाई उजागर करने की कोशिश की है। फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने से पहले जानते हैं कि क्या यह सच में देखने लायक है?

Madhav SharmaAuthored by: Madhav SharmaUpdated Jan 10 2025, 10:10 IST

क्रिटिक्स रेटिंग
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3.5

Drama,Thriller
Release Date

Jan 10, 2025

Duration

2 hr 26 mins

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Match Fixing Movie Review

Match Fixing Review: मुंबई में हुए आतंकवादी हमले, 26/11 को लेकर पहले ही कई फिल्में और वेब सीरीज बन चुकी हैं। हालांकि अभी भी इसको लेकर कई जानकारियां सामने नहीं आ सकी हैं। इस बीच कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनका ट्रेलर ही दर्शकों के मन में बहुत सारी उम्मीदें जगा देता है, और फिर जब वह फिल्म रिलीज होती है, तो वह सच में उतनी ही बेहतरीन होती है, जितना उसका इंतजार किया जाता है। 'मैच फिक्सिंग – द नेशन एट स्टेक' भी ऐसी ही फिल्म है। इसके ट्रेलर ने दर्शकों के अंदर सवाल उठाए थे, और अब जब यह फिल्म रिलीज हो चुकी है, तो यह साबित कर रही है कि यह एक बेहतरीन थ्रिलर है, जो आपको केवल मनोरंजन नहीं देती, बल्कि गंभीर मुद्दों पर भी सोचने के लिए मजबूर करती है। क्या आपको इस फिल्म को देखने थिएटर्स में जाना चाहिए? यहां इस रिव्यू को पढ़कर इसका जवाब जानते हैं।

कहानी

यह फिल्म कर्नल कन्वर ख़ताना की किताब 'द गेम बिहाइंड सैफरन टेरर' से प्रेरित है, जो 2004 से 2008 तक भारत में हुए आतंकवादी हमलों और 26/11 मुंबई हमले के संदर्भ में बहुत सारी गहरी सच्चाइयों को उजागर करती है। फिल्म का मुख्य पात्र, कर्नल अविनाश पटवर्धन (विनीत कुमार सिंह) एक अंडरकवर आर्मी ऑफिसर है, जो एक राजनीतिक साजिश को बेनकाब करने के लिए काम करता है। कहानी इस झूठी "सैफरन टेरर" के सिद्धांत के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें हिंदू आतंकवादियों को आतंकवादी हमलों का जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की जाती है, ताकि राजनीतिक लाभ हासिल किया जा सके।