Panchayat 2: ऐसे हुई थी पंचायत 2 के आखिरी एपिसोड की शूटिंग, इस बात से डरे हुए थे 'प्रहलाद पांडे' फैसल मलिक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 25, 2022, 11:27 AM IST

Faisal Malik on Panchayat 2: पंंचायत सीजन 2 के आखिरी एपिसोड में उप प्रधान प्रहलाद पांडे को रोते देख हर कोई सिहर उठा। अब फैसल ने बताया कि उन्हें सीन शूट करने से पहले काफी डर लग रहा था।

Panchayat 2: ऐसे हुई थी पंचायत 2 के आखिरी एपिसोड की शूटिंग, इस बात से डरे हुए थे 'प्रहलाद पांडे' फैसल मलिक

Faisal Malik on Panchayat 2. अमेजन प्राइम की वेब सीरीज पंचायत 2 (Panchayat 2) के आखिरी एपिसोड को देखकर हर फैन के आंखों में आंसू आ गया। फुलैरा गांव के उप प्रधान प्रहलाद पांडे जब बेटे की शहादत के बाद प्रधानजी से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगते हैं तो हर कोई सिहर उठा। मस्त मौला प्रहलाद पांडे का किरदार फैसल मलिक ने निभाया है। फैसल ने बताया कि क्लाइमैक्स सीन को लेकर वह काफी डरे हुए थे। 

Times Now Navbharat के शो 'ओपीनियन इंडिया का' में फैसल मलिक (Faisal Malik) ने कहा कि, 'मैंने मेकर्स से कहा कि आप लोग मुझ पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। पता नहीं मैं ये कर पाऊंगा या नहीं। शूटिंग होने के बाद भी किसी ने मुझसे नहीं कहा कि ये अच्छा हुआ है या नहीं। सब लोग चुपचाप थे। राइटर चंदन डायरेक्टर दीपक मिश्रा को क्रेडिट जाता है, जिन्होंने ये सीन लिखा और ये निर्णय लिया। मैंने जब पढ़ा तो कहा कि ये थोड़ा मुश्किल है लेकिन, आखिर में सीन हो गया और लोगों को अच्छा भी लगा।'

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लग रहा था डर 
फैसल मलिक आगे कहते हैं, 'मुझे बहुत डर लग रहा। कोई मुझसे मेरी राय पूछे तो मुझे लग रहा था कि ये काम नहीं करेगा। अब जब लोगों को परफॉर्मेंस अच्छी लग रही तो लग रहा है कि बच गए। जब शो की उम्र बढ़ती है तो उसके किरदारों की भी उम्र बढ़ती है। विदेश की वेब सीरीज में भी ऐसे ही हर सीजन किरदारों की ग्रोथ होती है। पंचायत के मेकर्स ने भी ऐसा ही किया। तीसरे सीजन में जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है कि इसे ज्यादा अच्छा कैसे किया जाएगा।'

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'वनराकस' के किरदार पर बोले दुर्गेश कुमार
पंचायत 2 के 'वनराकस' यानी एक्टर दुर्गेश कुमार (Durgesh Kumar) ने कहा कि, 'मैं रियल लाइफ में इतना निगेटिव आदमी नहीं हूं। ऐसे में पता नहीं था कि क्या प्रतिक्रिया लोग देंगे लेकिन, राइटर और डायरेक्टर सर ने सहयोग दिया। उन दोनों को क्रेडिट जाता है।'

दुर्गेश कुमार कहते हैं, 'पंचायत में जो दिखाया ऐसा देश के कई हिस्सों में है। आज यदि लाइट है तो देश के कई हिस्सों में लालटेन आज भी जलती है। ऐसी चीजें आपको अमेरिका में नहीं मिलेगा। ये डायरेक्टर और राइटर का कमाल है, जिन्होंने इसे लोगों तक पहुंचाया।

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