मुंबई : न्याय और महिला अधिकारों पर केंद्रित फिल्म “सायरा खान केस” 10 अक्टूबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। यह फिल्म सोल फिल्म्स के बैनर तले बनी है और इसकी विशेषता यह है कि इसे पूर्व प्रधान न्यायाधीश स्वाति चौहान ने निर्देशित किया है। यह उनका निर्देशन में पहला कदम है। उन्होंने इस फिल्म का सह-लेखन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता करण राजदान के साथ किया है। फिल्म का प्रीमियर 8 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित फिल्म्स डिवीजन, 1 महादेव रोड में आयोजित किया गया
वास्तविक फैसले से प्रेरित कहानी
“सायरा खान केस” 2014 में स्वाति चौहान द्वारा अपने ही न्यायालय में दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले से प्रेरित है, जिसमें तीन तलाक और बहुविवाह से जुड़े संवेदनशील सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर चर्चा की गई थी। फिल्म भारत के धर्मनिरपेक्ष न्यायिक ढांचे में महिला अधिकारों, समानता और धार्मिक कानूनों के टकराव को उजागर करती है।
स्टोरी
फिल्म एक मुस्लिम महिला सायरा खान की कहानी पर आधारित है, जिसे उसके पति द्वारा तीन तलाक के ज़रिए एकतरफा तलाक दे दिया जाता है। इसके बाद वह अपने बच्चों से अलग हो जाती है और न्याय की लड़ाई में उतरती है। फिल्म उसकी कानूनी और भावनात्मक जद्दोजहद को दिखाती है, जिसमें वह अपने सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष करती है।
मुख्य कलाकार
•रजनीश दुग्गल — हनीफ़ खान के रूप में
•पूनम दुबे — सायरा खान के रूप में
•करण राजदान — वकील पठान की भूमिका में
•आराधना शर्मा — वकील गौरी कौल के रूप में
•राजीव वर्मा
•मुकेश त्यागी — न्यायाधीश अजय चौहान की भूमिका में
•मनमोहन तिवारी और अगस्त आनंद भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे।
सिनेमा मेरा नया न्यायालय है-स्वाति चौहान
फिल्म के निर्देशन के अनुभव पर बोलते हुए स्वाति चौहान ने कहा कि न्याय व्यवस्था में कुछ पूर्वाग्रहों ने मुझे विशेषाधिकारों और सिद्धांतों के बीच चयन करने के लिए मजबूर किया। मैंने सिद्धांतों को चुना और न्यायिक सेवा से बाहर हो गई, लेकिन न्याय के प्रति मेरी प्रतिबद्धता कभी कम नहीं हुई। अब सिनेमा मेरा नया न्यायालय है।”
वहीं सह-निर्देशक करण राजदान ने कहा कि स्वाति ने अपने अनुभव को एक गहरी और संवेदनशील सिनेमाई कहानी में बदला है। हमने मिलकर इसे ऐसा रूप दिया है जो देश में कानून, समानता और महिला अधिकारों पर एक गंभीर संवाद को जन्म देगा।”
सच्चाई से प्रेरित, पर गोपनीयता बरकरार
निर्माताओं का कहना है कि फिल्म में 2014 के वास्तविक निर्णय की “आत्मा” को बरकरार रखा गया है, लेकिन सभी वास्तविक पात्रों, नामों और स्थानों को पूरी तरह बदला गया है ताकि गोपनीयता बनी रहे।
रिलीज़
“सायरा खान केस” 10 अक्टूबर 2025 को पूरे भारत में सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। यह फिल्म न्याय, समानता और महिला सशक्तिकरण पर एक नई बहस छेड़ने का वादा करती है।
