बॉलीवुड

जावेद अख्तर ने खोला राज क्यों नहीं चल रही बॉक्स ऑफिस पर हिंदी फिल्में, कहा-"साउथ एक्टर्स जिन्हें कोई जानता नहीं..."

जावेद अख्तर बेबाकी से अपनी बाते रखने के लिए जाने जानते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जावेद अख्तर ने बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की फिल्मों के बारे में विस्तार से अंतर बताया है। साथ ही दोनों ही सिनेमा जगत को लेकर संस्कृति की भी बातें कही है।

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Javed Akhtar

जावेद अख्तर बेबाकी से अपनी बाते रखने के लिए जाने जानते हैं। 80 साल की उम्र होने के बाद भी जावेद अख्तर सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव रहते हैं। हाल ही में जावेद अख्तर ने बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों को लेकर अपने राय दी है। साथ ही लेखक जावेद अख्तर ने साउथ स्टार्स और एक्शन फिल्मों को लेकर भी बाते कही है। आइए जानते हैं कि जावेद अख्तर ने क्या कहा है।

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जावेद अख्तर ने कहा-"साउथ फिल्मों की जबरदस्त सफलता का एक कारण ये भी है कि फिल्म निर्माता अपने दर्शकों के लिए बनाई गई हैं फिल्मों के लिए अपनी संस्कृति और भूमि से जुड़े हुए रहते है। बॉलीवुड फिल्म मेकर अंग्रेजी में सपने देखते हैं।" लेखक ने सांस्कृतिक जुड़ाव की कमी को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही उनका मानना है कि लोगों के पास कोई नया आइडिया नहीं है। साउथ के एक्टर्स जिन्हें नार्थ में कोई जानता भी नहीं है वो भी सुर्खियां बटोर रहे हैं।

हिंदी फिल्में सबके लिए बनाई जाती हैं

जावेद अख्तर ने कहा-"साउथ फिल्में उनके भाषा वाले लोगों के लिए ही बनाई जाती हैं। जबकि हिंदी फिल्में सबके लिए बनाई जाती हैं। वे अभी भी वहीं काम कर रहे हैं जहां वे पैदा हुए थे। उनकी कहानियों में उनकी संस्कृति दिखती है। "

बच्चों के साथ काम करना है मुश्किल

जावेद अख्तर ने हाल ही में अपने बच्चों जोया और फरहान अख्तर के साथ काम करने को लेकर भी बात कही। उन्होंने स्वीकार किया कि अन्य फिल्म निर्माताओं की तुलना में उनके साथ सहयोग करना कठिन है, क्योंकि वे अपने पर्सनल बॉन्ड के बावजूद उनसे उच्च प्रोफेशनल स्टैंडर्ड की उम्मीद करते हैं।

Poonam Shukla
पूनम शुक्लाauthor

पूनम शुक्ला मीडिया इंडस्ट्री में 5 सालों से काम कर रही हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी भारत से की थी. इन्होंने इंडिया टीवी, नुक्कड़ न्यूज़, new j, कोईमोई में काम किया। अब पूनम शुक्ला, टाइम्स नाउ नवभारत के साथ जुड़ी हैं। उनकी एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर इनकी पकड़ अच्‍छी हैं. राइटिंग को अपना पैशन मानने वाली पूनम को हिंदी भाषा से बेहद लगाव है. राइटिंग के अलावा फिल्में देखना, नई जगहें घूमना और नए फूड एक्सप्लोर करना इनकी फेवरेट हॉबी है. पूनम मूल रूप से बिलासपुर छत्तीसगढ़ से हैं। उन्होंने अपना ग्रेजुकेशन गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से किया था। उन्होंने अपना पोस्ट ग्रेजुकेशन इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से किया है।

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