एजुकेशन

विदेश में पढ़ाई का सपना होगा पूरा, सरकार दे रही 100% स्कॉलरशिप, जानें क्या है नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप

Indian Govt National Overseas Scholarships 2026: अगर आप विदेश में पढ़ना चाहते हैं लेकिन आर्थिक स्थिति के चलते अपना सपना पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो अब भारत सरकार आपकी मदद कर रही है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS) के लिए एप्लिकेशन प्रोसेस की शुरुआत कर दी है।

Image

नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप 2026

Indian Govt National Overseas Scholarships 2026: अगर आप विदेश में पढ़ना चाहते हैं लेकिन आर्थिक स्थिति के चलते अपना सपना पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो अब भारत सरकार आपकी मदद कर रही है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS) के लिए एप्लिकेशन प्रोसेस की शुरुआत कर दी है। अगर आप भी विदेश में पढ़ना चाहते हैं, तो फिर इस स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं। विदेश में पढ़ने के लिए भारत सरकार की तरफ से कई तरह की स्कॉलरशिप दी जाती है। नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप भी उन्हीं में से एक है।

स्टूडेंट्स को 'नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप' पोर्टल के जरिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। उन्हें पहले रजिस्टर करना होगा और फिर अपनी पर्सनल, अकेडमिक और फाइनेंशियल जानकारी देनी होगी। अप्लाई करने वालों को विदेशी यूनिवर्सिटी और उनके एडमिशन ऑफर के बारे में भी जानकारी देनी होगी (जहां जरूरी हो) और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे। स्कॉलरशिप के लिए उम्मीदवार के परिवार की सभी सोर्सेज से सालाना इनकम 8 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप की पात्रता

इस स्कॉलरशिप का लाभ उन स्टूडेंट्स को दिया जाएगा, जो भारत के बाहर की यूनिवर्सिटीज में हायर एजुकेशन हासिल करना चाहते हैं। कुछ पिछड़े समुदायों के छात्रों को विदेश में मास्टर्स और PhD प्रोग्राम के लिए इस स्कॉलरशिप योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी। मास्टर्स स्टूडेंट्स को अधिकतम 3 साल और PhD स्टूडेंट्स को अधिकतम 4 साल तक के लिए स्कॉलरशिप मिलेगी। इसमें ट्यूशन फीस, रहने का खर्च और हवाई यात्रा जैसे जरूरी खर्च शामिल होंगे।

किन छात्रों को मिलेगा स्कॉलरशिप का लाभ?

नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप कुछ निर्धारित वंचित समुदायों के छात्रों के लिए है। इनमें अनुसूचित जाति (SC), विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियां (Denotified, Nomadic and Semi-Nomadic Tribes), बिना जमीन वाले कृषि मजदूर (Landless Agricultural Labourers) और पारंपरिक कारीगर परिवार (Traditional Artisan families) शामिल हैं।

  • अनुसूचित जातियां (SC)
  • डी-नोटिफाइड, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियां
  • भूमिहीन खेतिहर मजदूर
  • पारंपरिक कारीगर परिवार

क्या है पात्रता

  • मास्टर्स या PhD में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित योग्यता होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास क्वालीफाइंग एग्जामिनेशन में कम से कम 60 फीसदी मार्क्स या बराबर ग्रेड होना जरूरी है।
  • स्टूडेंट की उम्र 35 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • परिवार की सभी सोर्सेज से सालाना इनकम 8 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS) के लिए एप्लिकेशन प्रोसेस की शुरुआत कर दी है। सरकार की तरफ से दी जाने वाली ये स्कॉलरशिप 2026-27 के लिए है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article