बॉलीवुड

राजकीय सम्मान के साथ क्यों नहीं हुआ पद्म भूषण धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार? यहां जानिए बड़ा कारण

Dharmendra Funeral: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार में से एक धर्मेंद्र का कल निधन हो गया। 89 वर्ष की उम्र में धर्मेंद्र ने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहा तो पूरे परिवार और फैंस को बड़ा सदमा लगा। अब खबर हाथ लगी है कि आखिर पद्म भूषण से नवाजे गए धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से क्यों नहीं हुआ।

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Image Source: Dharmendra Instagram

Dharmendra Funeral: कल बॉलीवुड दुनिया के लिए एक बुरा दिन गुजरा जब खबर सामने आई कि धर्मेंद्र का निधन हो चुका है। 24 नवंबर को बॉलीवुड के 'ही-मैन' कहे जाने वाले धर्मेंद्र बीते कई हफ्तों से बीमार चल रहे थे। बढ़ती उम्र की बीमारियों ने धर्मेंद्र के शरीर को जकड़ लिया था। कहा गया कि धर्मेंद्र को सांस लेने में दिक्कतें आ रही थीं जिसके चलते उन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब 4 दिन बाद उन्हे डिस्चार्ज मिला और वे घर लौट आए लेकिन कल एक्टर ने अपना दम तोड़ दिया। कल जब अंतिम संस्कार हुआ तो लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर धर्मेंद्र को राजकीय सम्मान के साथ क्यूं विदा नहीं किया गया?

कल मुंबई के पवन हंस शमशान घाट में धर्मेंद्र (Dharmendra) को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया था। धर्मेंद्र को मुखाग्नि बड़े बेटे सनी देओल ने दी थी। अंतिम संस्कार पर फैंस के साथ-साथ बॉलीवुड सितारों की भी भीड़ उमड़ी थी। अमिताभ बच्चन से लेकर सायरा बानो, दीपिका पादुकोण, सलमान खान, शाहरुख खान जैसे तमाम सेलेब्स धर्मेंद्र को आखरी सलाम देने शमशान घाट पहुंचे थे। धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार बेहद ही निजी लोगों के बीच हुआ। जैसा की आपको मालूम है धर्मेंद्र को साल 2012 में पद्म भूषण सम्मान से नवाज गया था। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि धर्मेंद्र को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी जिसमें तोपों की सलामी, ताबूत पर तिरंगा लपेटना और शोक मनाने वालों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करना शामिल होता है। इस शोक में आम जनता भी शामिल हो सकती थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। ये देख लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया।

खबरों के मुताबिक देओल परिवार ने धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान नहीं देने का फैसला किया। प्राइवसी को देखते हुए ये फैसला लिया गया जिसका सभी ने सम्मान भी किया। वहीं बता दें धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में धर्मेंद्र सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के पिता की भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। साल 1971 में हुई भारत और पाकिस्तान की लड़ाई में लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल ने दुश्मनों के 10 टैंक नष्ट किये थे।

Khushboo Dogra
खुशबू डोगराauthor

खुशबू डोगरा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम की सदस्य हैं। खुशबू ओटीटी, टीवी, बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की दुनिया को गहराई से समझते हुए पाठकों तक उसकी रोचक जानकारी पहुंचाती रही हैं। चटपटी खबरें, गॉसिप और मनोरंजन से जुड़ी हर ट्रेंडिंग अपडेट पर उनकी पैनी नजर रहती है और अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुकी हैं। खुशबू टाइम्स नाउ के ‘टेली टॉक’ यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो भी बनाती हैं, जिससे उनका ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस और कहानी कहने की शैली और निखरती है।

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