68th National Film Awards Ceremony: आज, 30 सितंबर को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के द्वारा 68वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह के दौरान भारत के रीजनल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री समेत हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के कई सेलिब्रिटीज शामिल हुए। कोरोना महामारी की वजह से 2 साल से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का आयोजन नहीं हुआ था। ऐसे में इस साल आयोजित किए गए इस समारोह की सूची में 2020 की फिल्में शामिल थीं। इस बार अन्य रीजनल फिल्मों के साथ साउथ की फिल्मों का भी बोलबाला रहा। एक तरफ जहां बॉलीवुड इंडस्ट्री की दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख को 'दादासाहेब फाल्के' पुरस्कार से सम्मानित किया गया वहीं अजय देवगन को फिल्म 'तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर' और सूर्या को फिल्म 'सोरारई पोटारु' के लिए बेस्ट एक्टर का अवाॅर्ड मिला।
इन कलाकारों को मिला पुरस्कार
इस समारोह की शुरुआत सभी विजेताओं के नाम अनाउंस करने के साथ हुई। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आने के बाद यह समारोह आगे बढ़ा। सबसे पहले दीप प्रज्वलित किया गया उसके बाद एक-एक करके विजेताओं को अवॉर्ड्स दिए गए। इस समारोह के दौरान बेस्ट पापुलर फिल्म पुरस्कार- ताण्हाजी: द अनसंग वॉरियर को, बेस्ट फीचर फिल्म पुरस्कार- सोरारई पोटरू (तमिल) को, बेस्ट एक्टर का पुरस्कार- अजय देवगन (ताण्हाजी: द अनसंग वॉरियर) और सूर्या (सोरारई पोटरू) को, बेस्ट हिन्दी फिल्म का पुरस्कार- तुलसीदास जूनियर (आशुतोष गोवारिकर) को, बेस्ट डायरेक्टर का अवाॅर्ड- केआर सचिदानंदन (मलयालम फिल्म एके अय्यप्पनम कोशियुम के लिए) को, बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार- अपर्णा बालमुरली (सोरारई पोटरू) को और बेस्ट गीतकार का अवाॅर्ड- मनोज मुन्तशिर (सायना) को दिया गया।
इसके साथ अन्य कैटेगरी के लिए भी कई रीजनल फिल्मों और कलाकारों को अवाॅर्ड दिया गया। इस कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। अंत में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में आए सभी लोगों को संबोधित किया और राष्ट्रगान गाकर इस कार्यक्रम का अंत हुआ।
