कंगना रनौत ने नए वीडियो में शिवसेना नेता संजय राउत पर बोला हमला, कहा- ' मिलते हैं 9 सितंबर को'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 6, 2020, 04:24 PM IST

Kangana Ranaut New Video: शिवसेना के नेता संजय राउत ने कंगना रनौत को हरामखोर कहा था। अब कंगना ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने संजय राउत को चुनौती दी है।

कंगना रनौत ने नए वीडियो में शिवसेना नेता संजय राउत पर बोला हमला, कहा- ' मिलते हैं 9 सितंबर को'

मुंबई. शिवसेना नेता संजय राउत और एक्ट्रेस कंगना रनौत के खिलाफ जुबानी जंग तेज हो गई है। कंगना ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने संजय राउत पर हमला बोला है। कंगना ने कहा कि संजय राउत महाराष्ट्र नहीं है।  

सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए कंगना ने लिखा- 'संजय जी मुझे अभिव्यक्ति की पूरी आजादी है, मुझे अपने देश में कहीं भी जाने की आजादी है। मैं आजाद हूं। कंगना कहती हैं- 'संजय राउत जी आपने मुझे हरामखोर लड़की कहा है।'

वीडियो में कंगना आगे कहती हैं- 'आप एक सरकारी मुलाजिम हैं, एक मंत्री है। आपको पता है कि इस देश में हर दिन नहीं, हर घंटे लड़कियों के मानवाधिकार का हनन हो रहा है। उन पर एसिड डालकर फेंक दिया जा रहा है। काम की जगह पर उन्हें गालियां दी जा रही है। उनके पति कान, नाक, मुंह और जबड़े तोड़ रहे हैं।' 

ये मानसिकता है जिम्मेदार 
कंगना वीडियो में आगे कहती हैं- 'इसके लिए जिम्मेदार ये मानसिकता है, जिसका भौंडा प्रदर्शन आपने पूरे समाज और देश के सामने किया है। इस देश की बेटियां आपको माफ नहीं करेगी। आपने उन सभी महिलाओं का शोषण करने वालों का सशक्तिकरण किया है।' 

बकौल कंगना- 'आमिर खान जी ने जब कहा था कि उन्हें इस देश में डर लगता है तो तब किसी ने हरामखोर नहीं कहा था। जब नसीरुद्दीन शाह ने कहा था उस वक्त उन्हें किसी ने हरामखोर नहीं कहा था।' 

पालघर लिचिंग पर उठाए सवाल 
कंगना ने पालघर में हुई साधुओं की लिचिंग पर कहा- 'आप मेरे पुराने इंटरव्यू देख लीजिए, मैं मुंबई पुलिस की मैं तारीफ करते हुए नहीं थकती थी। आज जब वह पालघर की लिंचिंग में साधुओं को नहीं बचाते हैं, खड़े रहते हैं। मुंबई पुलिस सुशांत के लाचार पिता की एफआईआर नहीं दर्ज करते या फिर मेरा बयान दर्ज नहीं करते हैं। '

कंगना चुनौती देते हुए कहती हैं- 'मैं इस कारण उनकी आलोचना करती हूं। ये मेरी अभिव्यक्ति की आजादी है। मैं 9 सितंबर को आ रही हूं, आप लोग मुझे मारिए क्योंकि इस देश की जो मिट्टी है, इसकी गरिमा और अस्मिता के लिए कितने लोगों ने जान दे दी है। हम भी देंगे। मिलते हैं 9 सितंबर को। जय हिंद, जय महाराष्ट्रा।'

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