Amrish Puri Birthday: जब अमरीश पुरी की इस हॉलीवुड फिल्म पर लगा था बैन, लोगों ने कहा था 'देशद्रोही'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 22, 2021, 05:36 PM IST

Amrish Puri Birthday: बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक विलेन का किरदार निभा चुके अमरीश पुरी का आज बर्थडे है। अमरीश पुरी ने फिल्म इंडियाना जोंस में मूला राम का किरदार निभाया, जिस पर उन्हें एंटी नेशनल कहा गया था।

Amrish Puri Birthday: जब अमरीश पुरी की इस हॉलीवुड फिल्म पर लगा था बैन, लोगों ने कहा था 'देशद्रोही'

मुंबई. बॉलीवुड में जब भी खूंखार विलेन की चर्चा होती है तो सबसे पहला नाम अमरीश पुरी का ही आता है। अमरीश पुरी का आज 89वां बर्थडे है। अमरीश पुरी ने बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि हॉलीवुड में भी अपनी एक्टिंग का लोह मनवा चुके थे। अमरीश ने स्टीवन स्पीलबर्ग की फिल्म इंडियाना जोंस में काम किया। इस फिल्म के बाद उन्हें एंटी नेशनल तक कहा गया था। 

साल 1984 में अमरीश पुरी ने इंडियाना जोंस मूला राम का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी एक भारतीय गांव की थी जहां गांववाले एक चमत्कारी मणि को ढूंढ रहे थे ताकि वह धूर्त अघोरी से बच्चों को बचाना चाहते थे। अमरीश पुरी  ने किताब द एक्ट ऑफ लाइफ में बताया था कि इस फिल्म को करने के बाद उन्हें एंटी नेशनल कहा गया था। अमरीश लिखते हैं, 'स्पीलबर्ग के साथ काम करना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा मौका था। मुझे इसका कोई अफसोस नही हैं।  

Indiana Jones and the Temple of Doom (1984)

अमरीश पुरी ने  लिखा, 'ये बेहद बेवकूफी भरा'
अमरीश पुरी किताब में आगे लिखते  हैं, 'मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ भी ऐसा किया जिससे मुझे एंटीनेशनल कहा गया। ये बेहद बेवकूफी भरा है कि इस बात को इतना सीरियसली लिया जाना चाहिए। फिल्म भारत की एक पुराने परंपरा पर आधारित थी जिसे जादुई रूप से दिखाया गया था। फिल्म की शुरुआत शंघाई से होती है जहां प्लेन टूट जाता है और यात्री राफ्ट के जरिए पहाड़ में कूदते हैं और इंडिया पहुंचते हैं। क्या ऐसा कभी रियल लाइफ में हो सकता  है।  '

Amrish Puri initially refused Steven Spielberg's 'Temple of Doom'

हुआ था ये विवाद
फिल्म इंडियाना जोंस को लेकर कहा गया था कि इसमें भारतीय संस्कृति को गलत ढंग से दिखाया गया था। सेंसर बोर्ड ने इस पर कुछ वक्त के लिए  बैन  लगा दिया था और फिल्म थिएटर में रिलीज नहीं हुई थी।

अमरीश पुरी  ने लिखा था, 'जादुई कहानियां केवल कहानियां होती  है। हमारी पंचतंत्र जैसे। मैं जानता हूं कि हम अपनी संस्कृति को लेकर संवेदनशील है। हम खुद अपनी फिल्मों में करते हैं लेकिन, जब कोई विदेशी डायरेक्टर करता है तो हम शोर मचाते हैं।' 

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