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'ये मेरा फाइनल कट नहीं था' Bandar का प्रमोशन न करने पर Anurag Kashyap ने तोड़ी चुप्पी

  • Authored by: अभय
  • Updated Jul 24, 2026, 06:18 AM IST

Anurag Kashyap on Bandar Movie: अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म बंदर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म वैसी नहीं है, जैसी वो दर्शकों तक पहुंचाना चाहते थे।

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अनुराग कश्यप ने किया ये खुलासा (Image Source: IMDb)

Anurag Kashyap on Bandar Movie: बॉलीवुड के जाने-माने स्टार बॉबी देओल (Bobby Deol) इन दिनों अपनी कुछ समय पहले रिलीज हुई फिल्म बंदर (Bandar) को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म बंदर रिलीज होने के बाद से खबरों में हैं। फिल्म बंदर भले ही बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई हो, लेकिन फिल्म को लोगों का खूब प्यार मिला। फिल्म में बॉबी देओल की एक्टिंग को काफी पसंद किया गया। इन सब के बीच अब फिल्म बंदर को लेकर डायरेक्टर अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) ने एक नया खुलासा किया है। अनुराग कश्यप ने अभी हाल ही में दिए इंटरव्यू में कुछ ऐसा बोल दिया, जिसने सबको हैरान कर दिया।

अनुराग कश्यप ने किया ये खुलासा

डायरेक्टर अनुराग कश्यप एक बार फिर से चर्चा में हैं। इसकी वजह अनुराग कश्यप का अभी हाल ही में दिया एक इंटरव्यू है। इस इंटरव्यू के दौरान अनुराग कश्यप ने फिल्म बंदर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कॉमेडियन कुणाल कामरा के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अनुराग कश्यप ने बताया कि उन्होंने अपनी फिल्म बंदर को प्रमोट क्यों नहीं किया और कुणाल को भी फिल्म देखने से मना क्यों किया। उन्होंने कहा, 'जब मैंने कहा कि मत देखो, तो इसलिए क्योंकि मैं उस फिल्म को अपना नहीं कह सकता. अगर आपने नोटिस किया तो मैंने फिल्म को लेकर कोई इंटरव्यू नहीं दिया। क्योंकि जो रिलीज हुई, वो मेरी फाइनल कट नहीं थी। इसलिए फिल्म को जो आलोचनाएं मिलीं, वो काफी जायज हैं। मैं कुछ ऐसा रिलीज करना चाहता था जिसके लिए मैं खड़ा हो सकूं। नतीजतन, फिल्म की आलोचनाओं के खिलाफ मैं खड़ा नहीं हो सका।' अनुराग ने आगे कहा कि फिल्म की सबसे बड़ी समस्या ये नहीं थी कि उन्होंने क्या शूट किया, बल्कि एडिटिंग के दौरान क्या हटाया गया। उनके अनुसार, उन बदलावों ने फिल्म का मैसेज ही बदल दिया जो उन्होंने कभी चाहा भी नहीं था।

कॉर्पोरेटाइजेशन को ठहराया जिम्मेदार

अनुराग कश्यप का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री पिछले सालों में बहुत बदल गई है और कॉर्पोरेटाइजेशन की वजह से डायरेक्टर्स के लिए अपनी क्रिएटिव विजन को बचाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि जब प्रोजेक्ट डिले होते हैं और खर्च बढ़ता जाता है तो फिल्ममेकर्स धीरे-धीरे अपनी फिल्म पर कंट्रोल खोने लगते हैं। उनके अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट और लीगल पेपर अब ज्यादा मायने नहीं रखते क्योंकि एक बार स्टूडियो हाथ में ले ले तो आखिरी वर्जन का फैसला स्टूडियो ही करता है। पहले के दिनों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि पहले प्रोड्यूसर्स फिल्म इसलिए बैक करते थे क्योंकि उन्हें कहानी पर भरोसा होता था, वो अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार रहते थे। आज फोकस सिर्फ कमर्शियल सक्सेस पर है, क्रिएटिव आइडियाज को सपोर्ट करने पर नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि मुट्ठी भर बड़े स्टूडियोज के दबदबे की वजह से इंडिपेंडेंट फिल्मों के लिए फाइनेंसिंग और ऑडियंस तक पहुंचना और भी मुश्किल हो गया है।

Abhay
अभयauthor

अभय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट डेस्क पर चीफ कॉपी एडिटर हैं। टीवी पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने वाले अभय मनोरंजन जगत की खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। वे फिल्म, टीवी, ओटीटी और सेलिब्रिटी अपडेट्स को सरल भाषा में और सटीक जानकारी के साथ पेश करने के लिए जाने जाते हैं। अभय अबतक 9,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं। तेजी से बदलती एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में खबरों को पकड़ने, रिसर्च करने और समय पर प्रकाशित करने में उनकी खास दक्षता है।

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