दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने एक बड़ा ही सनसनीखेज दावा किया है। एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि उनके पास आम आदमी पार्टी के 15 उम्मीदवारों का फोन आया था, उन्होंने ने उनसे दिल्ली में शिवसेना का कैंडिडेट मांगा था, ताकि बीजेपी का वोट बंट जाए, लेकिन उन्होंने इसके लिए मना कर दिया।
एकनाथ शिंदे ने क्यों किया मना
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने रविवार को दावा किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के 15 उम्मीदवारों ने उनसे उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न मांगा था, लेकिन उन्होंने ‘युति धर्म’ के कारण मना कर दिया। महाराष्ट्र की महायुति गठबंधन सरकार में शामिल शिवसेना, दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी है।
क्या बोले शिंदे
शिंदे ने कहा- "आप के कुल 15 उम्मीदवारों ने मुझसे संपर्क किया था। मुझे लगा कि अगर ‘धनुष और बाण’ चुनाव चिह्न उन्हें मिल गया तो वोट भाजपा और शिवसेना के बीच बंट जाएंगे, जिससे अन्य दलों को फायदा होगा। इसलिए मैंने मना कर दिया। मैंने अपने सांसदों से दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने को कहा था।’’
दिल्ली चुनाव में क्या हुआ
दिल्ली की 70 विधानसभा सीट में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 48 सीट पर जीत हासिल की तो वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) केवल 22 सीट ही हासिल कर पाई। वहीं, कांग्रेस लगातार तीसरी बार एक भी सीट नहीं जीत पाई। ‘आप’ ने 2020 के चुनाव में 62 और 2015 में 67 सीटें जीती थीं।
