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Haryana Elections 2024: आप और कांग्रेस में कहां बिगड़ गई बात, मसला सीट बंटवारे से ज्यादा कुछ और है?

Haryana Assembly Election 2024: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बात केवल सीट बंटवारे पर मतभेद से कहीं ज्यादा है। भूपिंदर सिंह हुड्डा के दबदबे वाली हरियाणा कांग्रेस शुरू से ही राज्य में आम आदमी पार्टी के साथ किसी तरह के गठबंधन के खिलाफ रही है।

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हरियाणा में पांच अक्टूबर को होगा मतदान।

KEY HIGHLIGHTS
  • हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में नहीं बन पाई बात
  • सीट बंटवारे पर दोनों पार्टियों के बीच सहमति नहीं बन पाई, 5 अक्टूबर को है मतदान
  • सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस का एक बड़ा नेता नहीं चाहता था कि यह गठबंधन हो

Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच समझौता नहीं हो पाया। बताया जाता है कि सीट बंटवारे पर पेच फंसने की वजह से प्रदेश में यह गठबंधन आकार नहीं ले सका। गठबंधन नहीं होने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने सोमवार को अपने 20 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। पार्टी ने कहा कि वह प्रदेश की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। रिपोर्टों में आम आदमी पार्टी के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि 'कांग्रेस का एक बड़ा नेता नहीं चाहता है कि हरियाणा में कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन हो। उस नेता के चलते दोनों पार्टियों के बीच बात नहीं बन पाई।'

हुड्डा शुरू से ही गठबंधन के खिलाफ रहे हैं

हालांकि, विपक्ष के नेता राहुल गांधी चाहते थे कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़े। वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बात केवल सीट बंटवारे पर मतभेद से कहीं ज्यादा है। भूपिंदर सिंह हुड्डा के दबदबे वाली हरियाणा कांग्रेस शुरू से ही राज्य में आम आदमी पार्टी के साथ किसी तरह के गठबंधन के खिलाफ रही है। हालांकि, इंडिया अलायंस में एकता का संदेश देने के लिए राहुल चाहते थे कि दोनों पार्टियां मिलकर हरियाणा चुनाव लड़ें। यही नहीं, कांग्रेस नेतृत्व इस गठबंधन में समाजवादी पार्टी को भी शामिल करना और उसे एक या दो सीटें देना चाहता था।

पूरी ताकत से लड़ेंगे-संजय सिंह

आप ने नारायणगढ़, असंध, समालखा, उचाना कलां, डबवाली, महम, रोहतक, बहादुरगढ़, बादली, बेरी, महेंद्रगढ़ और बादशाहपुर से उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस इन सीट से अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर चुकी है। कांग्रेस के साथ गठबंधन के मुद्दे पर आप की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने कहा, ‘मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि हम पहले दिन से ही सभी 90 सीट के लिए तैयारी कर रहे हैं। चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 12 सितंबर है। इसलिए अब इंतजार खत्म हुआ।’ उन्होंने कहा कि हरियाणा में आप एक मजबूत विकल्प है और पार्टी के उम्मीदवारों की दूसरी सूची भी जल्द ही जारी की जाएगी। आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि पार्टी हरियाणा में पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।

10 सीटों पर लड़ना चाहती थी आप

इससे पहले, सुशील गुप्ता ने कहा था कि अगर कांग्रेस विधानसभा चुनाव के लिए आप के साथ गठबंधन को अंतिम रूप देने में विफल रहती है, तो पार्टी शाम तक सभी 90 सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर देगी। दोनों दलों के बीच बातचीत आप द्वारा लड़ी जाने वाली सीटों की संख्या को लेकर अटकी हुई थी। सूत्रों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी 10 सीट की मांग कर रही थी, जबकि कांग्रेस ने उसे केवल पांच सीट की पेशकश की थी। आप द्वारा साझा की गई उम्मीदवारों की सूची के अनुसार, पार्टी ने हरियाणा इकाई के उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा को कलायत से मैदान में उतारा है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का मजबूत गढ़ माना जाता है। वहीं, इंदु शर्मा को भिवानी से मैदान में उतारा गया है। विकास नेहरा महम से और बिजेंद्र हुड्डा रोहतक से मैदान में होंगे।

दिल्ली में लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़े थे

कांग्रेस और आप ने दिल्ली में लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, जबकि पंजाब में दोनों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने हरियाणा में आप को एक सीट दी थी, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में आप ने 46 सीट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली थी।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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