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BJP ने तय किया मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के CM का नाम? जानें कब लग सकती है नाम पर मुहर

Who Will Be CM: राजस्थान में भाजपा के सभी विधायक शनिवार शाम तक जयपुर में होंगे। बंद कमरे में बैठक होगी और लगभग ये तय हो जाएगा कि सीएम कौन बनेगा। छत्तीसगढ़ में 10 दिसंबर, रविवार और मध्य प्रदेश में 11 दिसंबर सोमवार को विधायक दल की बैठक होगी। सवाल यही है कौन सीएम बनेगा?

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कौन बनेगा मुख्यमंत्री?

BJP Will Announce Chief Ministers Name: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बतौर मुख्यमंत्री किसकी ताजपोशी होगी? इस सवाल के जवाब का हर कोई इंतजार कर रहा है। सस्पेंस के बीच राजधानी दिल्ली में बैठकों का मुलाकातों का दौर चल रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि तीनों राज्यों में सीएम की कुर्सी के लिए भाजपा के हाईकमान ने अपनी सहमति बना ली है। ये कयास लगाए जा रहे हैं कि संभवतः सोमवार तक नामों की घोषणा कर दी जाएगी। आपको तीनों राज्यों के सियासी समीकरण से रूबरू कराते हैं।

कौन बनेगा राजस्थान का मुख्यमंत्री?

सूबे में भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों को राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचने का फरमान जारी हो चुका है। सूत्रों की माने तो पहले से ही जयपुर में 40 विधायक मौजूद है। बताया जा रहा है कि बाकी विधायक शनिवार शाम तक राजधानी पहुंच जाएंगे। केंद्रीय पर्यवेक्षकों की टीम रविवार की सुबह जयपुर पहुंच सकती है, जिसके बाद दोपहर तक विधायक दल की बैठक हो सकती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और राज्यसभा सांसद सरोप पांडे को भाजपा ने राजस्थान के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। सीएम की रेस में कई नामों पर सस्पेंस है, इनमें वसुंधरा राजे, गजेंद्र सिंह शेखावत, अश्विनी वैष्णव, दीया कुमारी और अर्जुनराम मेघवाल का नाम शामिल है।

कौन बनेगा छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री?

भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल और राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को नियुक्त किया है। रविवार की सुबह ये तीनों राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायक दल की बैठक 10 दिसंबर को होगी, जिसकी जानकरी खुद प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अरुण साव ने दी है। विधायकों की बैठक अर्जुन मुंडा, सर्बानंद सोनोवाल और दुष्यंत गौतम लेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा भी रविवार शाम या फिर सोमवार तक कर दी जाएगी।

कौन बनेगा मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री?

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार की शाम विधायक दल की बैठक भाजपा दफ्तर में बुलाई गई है। एमपी के लिए भाजपा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. लक्ष्मण और राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। सोमवार को होने वाली बैछक में ये तीनों नवनिर्वाचित विधायकों के साथ चर्चा करेंगे और विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया पूरी कराएंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि मध्य प्रदेश के सीएम के लिए नाम की घोषणा लिए सोमवार को कर दी जाएगी।

इन तीनों राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव परिणाम 3 दिसंबर को जारी हुए थे। राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भाजपा ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर का राजस्था दिखा दिया और पूर्ण बहुमत हासिल किया। अब देखना ये है कि इन तीनों राज्यों की कमान भाजपा किसके हाथों में सौंपती है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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