Amit Shah Rally: पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है और गृह मंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह आज दार्जीलिंग पहुंचे। इस दौरान अमित शाह ने ममता सरकार को कठघरे में खड़ा किया। शाह ने कहा कि ममता के राज में ढेर सारी माताओं बहनों पर अत्याचार हुआ। संदेश खाली की घटनाओं ने पूरे बंगाल को शर्मसार किया है। और मैं आज बताना चाहता हूं कि माटी गढ़ा की वह निर्दोष बालिका हो, बागडोगरा की चाय बागान में आदिवासी महिला के साथ उत्पीड़न हुआ हो, दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज का बलात्कार, साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज का बलात्कार, आरजी कर मेडिकल कॉलेज का बलात्कार, हर बलात्कारी को चुन-चुन कर जेल की सलाखों के पीछे डालने का काम भारतीय जनता पार्टी करेगी।
दीदी को निकालने का टाइम आ गया है, बोले शाह
शाह ने कहा, उत्तर बंगाल और दार्जिलिंग को बरसों से हो रहे अन्याय से मुक्ति पाने का चुनाव है। दीदी को निकालने का टाइम आ गया है। ये चुनाव दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर गंगा सागर तक, गंगा सागर से लेकर बंगाल के कैपिटल कोलकाता तक हमारी माताओं-बहनों को सुरक्षित करने का चुनाव है। मुसलमान और मदरसा के लिए ममता सरकार का बजट है 5800 करोड़ रुपया। सभी गोरखा, सभी ट्राइबल, पूरा उत्तरबंग के लिए 2000 करोड़ रुपया और मुसलमानों के लिए 5800 करोड़ रुपया।
उन्होंने कहा कि ममता दीदी ने गोरखाओं के इतिहास को छिन्न-भिन्न करने का प्रयास किया। कांग्रेस, कम्युनिस्ट और ममता, तीनों का आज दार्जिलिंग में हिसाब-किताब करना है। ये चाय बागानों को हम बेचने नहीं देंगे। बता दें कि आज बंगाल में चुनाव प्रचार का आखिर दिन है। 23 अप्रैल को बंगाल में मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होगी। पूरे देश की निगाहें चुनाव नतीजे पर लगी हुई हैं।
दशकों पुराने गोरखा मुद्दे के समाधान का वादा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो दशकों पुराने गोरखा मुद्दे का समाधान छह महीने के भीतर कर दिया जाएगा। शाह ने कहा कि भाजपा के अलावा कोई अन्य दल गोरखाओं की समस्या का स्वीकार्य समाधान नहीं निकाल सकता। उन्होंने दार्जिलिंग जिले के कुर्सियांग में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा गोरखाओं की चिंताओं और आकांक्षाओं को समझती है और उनकी शर्तों के अनुसार समाधान खोजने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के छह महीने के भीतर हर गोरखा के चेहरे पर मुस्कान होगी। हम गोरखा मुद्दे का ऐसा समाधान निकालेंगे जिससे गोरखा शांति से रह सकें। गृहमंत्री ने कहा कि यह समस्या दशकों से बनी हुई है क्योंकि लगातार रही सरकारें दार्जिलिंग पहाड़ियों के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की ईमानदारी से कोशिश करने में विफल रहीं। शाह ने कहा, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने केवल दार्जिलिंग के साथ ही नहीं बल्कि हमारे देशभक्त गोरखा भाइयों के साथ भी अन्याय किया है।
शाह ने दावा किया कि भाजपा ने इस मुद्दे को सुलझाने की कई बार कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में तीन बैठक बुलाई थीं लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य का कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। उन्होंने कहा, मैंने गोरखा मुद्दे को सुलझाने के लिए तीन बैठक बुलाई थीं लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। यही कारण है कि एक मध्यस्थ नियुक्त करना पड़ा। शाह ने दोहराया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर गोरखाओं की इच्छा के अनुसार इस मुद्दे के समाधान के लिए छह महीने के भीतर कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा, मैं आज आपसे यह वादा करके जा रहा हूं कि भाजपा की सरकार बनते ही दशकों पुराने गोरखा मुद्दे का समाधान गोरखाओं की शर्तों के अनुसार किया जाएगा। भाजपा नेता ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कुछ गोरखाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, एसआईआर के दौरान कुछ गोरखाओं के नाम हटा दिए गए थे। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद ये सभी नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। गोरखा मुद्दा उत्तर बंगाल के गोरखा बहुल पहाड़ी जिलों में पृथक राज्य की पुरानी मांग से जुड़ा है।
